जल जीवन मिशन के तहत 50,309 ग्राम पंचायतों और 1,00,275 गांवों में हर घर नल से जल

जल जीवन मिशन के तहत 50,309 ग्राम पंचायतों और 1,00,275 गांवों में हर घर नल से जल - Panchayat Times

नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा 2024 तक देश के हर घर में नल का स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लक्ष्य को लेकर जल जीवन मिशन के तहत देश के एक लाख गांवों में हर घर में नल के पानी की आपूर्ति करने का लक्ष्य 14 जूलाई को हासिल कर लिया गया है.

जल जीवन मिशन ने 23 महीनों के दौरान 4.49 करोड़ नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रैस रिलीज जारी कर बताया गया कि जल जीवन मिशन की शुरुआत के समय, देश के 18.94 करोड़ ग्रामीण घरों में से केवल 3.23 करोड़ (17%) घरों में नल के पानी के कनेक्शन थे.

कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के बावजूद, जल जीवन मिशन ने 23 महीनों के दौरान 4.49 करोड़ नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए और 50 हजार ग्राम पंचायतों में हर घर में नल का पानी उपलब्ध कराकर इन पंचायतों में ‘हर घर जल’ पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है.

50,309 ग्राम पंचायतों और 1,00,275 गांवों में ‘हर घर जल

मंत्रालय द्वारा बताया गया कि इस समय देश के 7.72 करोड़ (40.77%) घरों में नल के पानी की आपूर्ति हो रही है. गोवा, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पुडुच्चेरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में 100% घरेलू कनेक्शन का लक्ष्य हासिल कर लिया है. वर्तमान में देश के 71 जिलों, 824 प्रखंडों, 50,309 ग्राम पंचायतों और 1,00,275 गांवों में ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है.

पांच साल में 3.60 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च

पांच साल की अवधि में हर ग्रामीण परिवार को नल का पानी उपलब्ध कराने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा 3.60 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. 2020-21 में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 11,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी.

मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 के पहले तीन महीनों में, राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों द्वारा उनकी वार्षिक कार्य योजनाओं (एएपी) के तहत प्रस्तावित निधि के इस्तेमाल एवं जरूरत के आधार पर 8,891 करोड़ रुपये निकाले गए हैं.

2021-22 में 15वें वित्त आयोग से संबद्ध अनुदान के रूप में 26,940 करोड़ रुपये आवंटित

2021-22 में, राज्यों को ग्रामीण स्थानीय निकायों/पीआरआई को पानी और स्वच्छता के लिए 15वें वित्त आयोग से संबद्ध अनुदान के रूप में 26,940 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. अगले पांच साल यानी 2025-26 तक 1,42,084 करोड़ रुपये की निधि सुनिश्चित है.

किसको मिल रही है प्राथमिकता

जल जीवन मिशन के तहत पानी की कमी वाले क्षेत्रों, गुणवत्ता प्रभावित गांवों, आकांक्षी जिलों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों और सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) वाले गांवों में घरों में नल का पानी उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है.

मंत्रालय के अनुसार पिछले 23 महीने में 117 आकांक्षी जिलों में नल के पानी की आपूर्ति सात प्रतिशत से चार गुना बढ़कर 33 प्रतिशत हो गयी है. इसी तरह जापानी इन्सेफेलाइटिस – एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (जेई-एईएस) से प्रभावित61 जिलों में 97 लाख से ज्यादा घरों में नल के पानी की आपूर्ति की गयी है. 696 एसएजीवाई गांवों और 29,063 अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों में ‘हर घर जल’ का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है.

देश में स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित नल का पानी सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, गोवा, तमिलनाडु, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह जैसे राज्यों/ केंद्र शासित क्षेत्रों ने स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में नल के पानी की व्यवस्था कर दी है.

देश में अब तक 6,76,789 स्कूलों (65.7%) और 6,74,611 आंगनवाड़ी केंद्रों (59.8%) में पेयजल एवं मध्याह्न भोजन पकाने, हाथ धोने तथा शौचालयों में इस्तेमाल के लिएनल के पानी की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की गयी है. केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर स्वच्छता की खातिर अगले कुछ महीने में सभी बचे हुए स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रोंमें सुरक्षित नल के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है.