निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ 10 को शिमला में प्रदर्शन

मिड डे मील वर्करों ने मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

 शिमला. छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी,लूट व प्रदेश सरकार के केवल टयूशन फीस लेने के आदेश की अवहेलना के खिलाफ 10 जुलाई को शिमला में निदेशक उच्चतर शिक्षा व प्रारम्भिक शिक्षा के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.

मंच ने प्रदेश सरकार,निदेशक उच्चतर शिक्षा व प्रारम्भिक शिक्षा को चेताया है कि वर्ष 2019 की तर्ज पर केवल टयूशन फीस लेने के निर्णय को अगर अक्षरशः लागू न किया गया तो आंदोलन तेज होगा.

 मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने रविवार को कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में भी निजी स्कूल खुली लूट कर रहे हैं लेकिन सरकार,निदेशक उच्चतर शिक्षा व प्रारम्भिक शिक्षा खामोश हैं. छात्र अभिभावक मंच कि ओर से जिन सात निजी स्कूलों की लिखित शिकायत की गई थी,सरकार व शिक्षा विभाग ने उन पर भी सांकेतिक कार्रवाई करके अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की है जोकि बेहद निंदनीय है.

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय तो शुरू से ही पूरे मसले पर कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है व आज तक निजी स्कूलों पर इसने कोई भी कार्रवाई नहीं की है.  उन्होंने कहा कि कैबिनेट के निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 की तर्ज़ पर ही निजी स्कूल टयूशन फीस वसूल सकते हैं लेकिन ये स्कूल वर्ष 2019 के बजाए वर्ष 2020 की फीस बढ़ोतरी के साथ यह टयूशन फीस वसूल रहे हैं.

 उन्होंने कहा कि बहुत सारे निजी स्कूलों ने कोरोना काल का फायदा उठाते हुए अन्य चार्जेज को हटाकर 90 से 100 प्रतिशत फीस टयूशन फीस के नाम पर ही फीस बुकलेट में दर्शा दी है. लिहाज़ा इन की टयूशन फीस को रेशनेलाइज़ किया जाए व उसी आधार पर अभिभावकों से फीस वसूली जाए. टयूशन फीस किसी भी रूप में कुल फीस के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं वसूली जानी चाहिए। इसके लिए पूरा मैकेनिज़्म तैयार किया जाना चाहिए.