सऊदी अरब में फंसे युवकों ने वीडियो भेजकर भारत सरकार से लगाई गुहार

मंडी. 14 भारतीयों को टूरिस्ट वीजा के आधार पर सउदी अरब भेजने वाले...
फाइल फोटो

शिमला. सऊदी अरब के रियाद में बंधक बने 13 भारतीय मूल के युवकों की घर वापसी के मामले में बंधकों की ओर से रविवार को जेल से ताजा वीडियो और फोटो भेजकर भारत सरकार से अपना दर्द सांझा किया. इसके साथ ही वतन वापसी के लिए गुहार लगाई है.

बंधक युवक ने रियाद से भेजे गए वीडियो में अपना दर्द बयान करते हुए भारत सरकार से जल्द से जल्द उन्हें वहां से निकालने की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि वहां पर जितने भी लोग उनके साथ हैं वह बहुत ज्यादा बीमार हैं. वहां पर उनके लिए न ही कोई मेडिकल सुविधा है और न ही खाना दिया जाता है.

मंडी के 13 लोगों को सऊदी अरब में बंधक बनाया गया

वहीं, सऊदी अरब के शहर रियाद में फंसे हरजिंदर की पत्नी सरोज कुमारी ने कहा कि विदेश में फंसे 14 में से दो युवक है. बीमार बंधकों के नाम बल्ह के डडोह निवासी अश्वनी और सुंदरनगर के भवाणा निवासी रविकांत की बुखार की वजह से तबीयत खराब चल रही है.

विदेश मंत्री की प्रदेश के सीएम से हुई बात 

सरोज कुमारी ने कहा कि सऊदी अरब के भारतीय दूतावास से जेल में फोन द्वारा जेल के अंदर के लोगों की जानकारी जुटाई गई है. अभी तक भारतीय दूतावास से कोई भी अधिकारी मिलने नहीं आया है. केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मामले पर कहा है कि उनकी बात मामले को लेकर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से हुई थी. उसी समय सऊदी अरब में भारतीय एंबेसडर जावेद अशरफ को इस मामले से अवगत करवा दिया गया है. युवकों की घर वापसी को लेकर वह पूरी तरह से प्रयासरत हैं.

सुषमा स्वराज ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एक पत्र लिखकर कहा है कि वह तो अपना काम कर रही हैं और सऊदी अरब में फंसे युवकों को जरुर निकाल कर लाएंगे,लेकिन जिन एजेंटों ने उन्हें विदेश भेजा है उस पर आप भी कार्रवाई करें.

सुषमा स्वराज ने कहा कि युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर एजेंटों का धंधा फल-फूल रहा है. एसएचओ सुंदरनगर इंस्पेटर गुरबचन सिंह राणौत का कहना है कि एजेंटों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में जांच जारी है.मामले से संबंधित रिकार्ड हासिल किया जा रहा है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही हैं.