नई दिल्ली: जल शक्ति मंत्री CR पाटिल ने आज कहा कि देश के 15 करोड़ ग्रामीण परिवारों को जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने यह बात विजन फॉर सुजलाम भारत समिट में कही और सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि हर नागरिक को सतत जल सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
सुजलाम भारत समिट: जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण
मंत्री CR पाटिल ने बताया कि यह समिट देशव्यापी जल संरक्षण प्रयास का हिस्सा है, जिसमें पानी की बचत और सतत उपयोग के लिए वैज्ञानिक और योजनाबद्ध दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब MGNREGA के फंड का 65 प्रतिशत उन क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा, जहाँ जल संकट अधिक है, ताकि भूजल स्तर को पुनर्जीवित किया जा सके और पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य
आकाशवाणी न्यूज़ को दिए गए विशेष साक्षात्कार में CR पाटिल ने कहा कि सुझलाम दृष्टि (Sujalam Vision) के माध्यम से भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होगा।
पुस्तक और पोर्टल का लोकार्पण
समिट के दौरान मंत्री ने ‘जल संचय जन भागीदारी 1.0’ नामक पुस्तक का लोकार्पण किया, जिसमें जल संरक्षण में समुदाय की भागीदारी को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा उन्होंने Samridhi MCAD और Ganga Pulse Public Portal भी लॉन्च किए।
CR पाटिल ने जोर देकर कहा कि सामुदायिक पहल और जनता की सक्रिय भागीदारी देश के जल संरक्षण मिशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
जल संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी की भूमिका
मंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे जल संरक्षण में सक्रिय योगदान दें, स्थानीय स्तर पर पानी बचाने और भूजल स्तर को सुधारने के प्रयासों में सहयोग करें। उनका कहना था कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों से ही सतत जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
