हिमाचल में बारिश से 21 लोगों की मौत, 887 सड़कें अवरुद्ध

हिमाचल में बारिश से 21 लोगों की मौत, 887 सड़कें अवरुद्ध-Panchayat Times

शिमला. हिमाचल प्रदेश में मानसून लोगों पर कहर बनकर बरस रहा है. रविवार को भारी बारिश के कारण प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर 21 लोगों की मौतें हुई हैं. शिमला जिला में सबसे ज्यादा 10 लोगों की जान गई है. चंबा, कुल्लू, सिरमौर और सोलन में दो-दो और बिलासपुर, ऊना और लाहौल-स्पीति में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई.

इसके अलावा प्रदेश में 9 नेशनल हाइवे सहित 887 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं. परिवहन के साथ-साथ रेल व हवाई सेवा भी बाधित रही. राज्य में पिछले 24 घंटों में हुई व्यापक बारिश ने पिछले सात सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिया. शिमला, कुल्लू और सिरमौर जिलों में भारी वर्षा के मद्देनजर सोमवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में भारी बारिश की आशंका से इनकार किया है.

शिमला जिला बारिश और भूस्खलन के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित रहा. जिले में मुसलाधार वर्षा से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है. कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने से मकान और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई और लोगों की जानें गईं.

कालका-शिमला मार्ग पर हुआ भयानक भूस्खलन, लगा जाम

शिमला के बालूगंज थाना क्षेत्र के तहत आरटीओ ऑफिस के पास एक मकान के भूस्खलन की जद में आने से मां और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई. मृतकों की शिनाख्त सोलन के अर्की निवासी कृष्णा (42) पत्नी हरि दास और इनकी दो बेटियों 15 वर्षीय विशाखा और 18 वर्षीय दिव्या के रूप में हुई है. हादसे में हरिदास घायल हुए है.

पुलिस के मुताबिक भूस्खलन की चपेट में आये मकान में दो भाइयों हरिदास और सुरेंद्र का परिवार रहता था. हादसे के ठीक पहले सुरेंद्र का परिवार बाहर आ चुका था, अन्यथा जानी नुकसान और बढ़ सकता था.

इसी तरह शिमला के उपनगर संजोली के सिमिट्री में एक मकान पर मलबा व पत्थर गिर गए. इस घटना में कमरे में सो रहे सात मजदूर हादसे में चोटिल हुए. जिनमे एक मजदूर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. मृतक की पहचान 40 वर्षीय शाह आलम के रूप में हुई है और वह मूलतः बिहार के कृष्णागंज इलाके का रहने वाला था.

शिमला की ठियोग तहसील में उफनती खड्ड को पार कर रही मां व बेटी सैलाब में बह गईं. दोनों नेपाली मूल की थीं और मजदूरी करती थीं. पुलिस ने 53 वर्षीय महिला के शव को क्यारतु नामक स्थान पर बरामद कर लिया, जबकि उसकी बेटी गंगा अभी तक लापता है.

इसी तरह कुमारसेन तहसील में एक विशालकाय पेड़ के ढारे पर गिरने से इसमें रह रहे नेपाली मूल के दो लोगों की मौत हो गई और पांच जख्मी हुए हैं.मरने वालों में अर्जुन बुद्धा और सेम बहादुर शामिल हैं.

शिमला के जुब्बड़हट्टी इलाके में सुजाणा गांव में भूस्खलन से 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई. हादसा तब हुआ जब महिला पशुशाला में पशुओं को बांध रही थी. इसी बीच पशुशाला की पिछली तरफ से मलबा गिरा और महिला इसकी चपेट में आ गई.

बारिश और भूस्खलन के कारण रविवार को 9 एनएच सहित राज्य में 887 सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ. सबसे ज्यादा 403 सड़कें शिमला जोन में बंद हुई है. मंडी जोन में 186, कांगड़ा ज़ोन में 184 और हमीरपुर जोन में 105 सड़कें बाधित रहीं. इसी तरह शिमला जोन के तहत छह नेशनल हाइवे और शाहपुर जोन में तीन नेशनल हाइवे भूस्खलन की वजह से अवरुद्ध हैं.

राज्य लोक निर्माण विभाग ने बंद पड़ी सड़कों को खोलने के लिए प्रदेश भर में 618 जेसीबी, डोज़र और टिप्पर लगाए हैं. 10 हजार के करीब लेबर भी सड़कों को खोलने के लिए तैनात की गई है. लगातार हो रही बारिश यातायात को सुचारू करने में बाधा बन रही है. लोक निर्माण विभाग के मुताबिक भूस्खलन की वजह से सड़कों को 327 करोड़ का नुकसान पहुंचा है.

कालका-शिमला रेल ट्रैक पर कई जगह पेड़ गिरने से ट्रेनों की आवाजाही बन्द रही. मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में पिछले 24 घंटो के दौरान हुई भारी बरसात ने आठ साल का रिकार्ड तोड़ा है. राज्य में शनिवार-रविवार को औसतन 102 मिलीमीटर वर्षा हुई है. इससे पहले 14 अगस्त 2011 को राज्य में 74 मिमी बारिश दर्ज की गई थी.

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश मानसून की व्यापक वर्षा हो रही है. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटो में नैनादेवी में सर्वाधिक 360 मिलीमीटर वर्षा हुई. इसके अतिरिक्त झंडूता में 260, बरठी में 240, रोहड़ू में 230, नाहन में 225, काहू में 181, ऊना में 179, मैहरे में 169, शिमला में 153, पांवटा साहिब में 147 और गोहर में 145 मिमी बारिश दर्ज की गई.

मनमोहन सिंह ने बताया कि आगामी 24 अगस्त तक राज्य भर में मौसम खराब बना रहेगा, लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है.