सीएम हेल्पलाइन के जरिए तीन महीने में 34,091शिकायतों का निपटारा

शिमला. जनमंच के बाद सूबे में शिकायत के निरटारे के लिए सीएम हेल्पलाइन कारगर साबित हो रही है. पिछले तीन महीने के अंतराल में 44,146 शिकायतें दर्ज हुई. 73 विभागों से संबंधित इन शिकायतों में से 34,091 का निस्तारण किया गया. लोक निर्माण विभाग की खस्ताहाल सड़कों के अलावा ड्रेनेज सिस्टम ठीक न होने के साथ 6835 शिकायतें हेल्पलाइन में दर्ज हुई. दर्ज शिकायतों के मामले में लोनिवि अव्वल है.
जानकारी के मुताबिक हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों में से 34091 का निस्तारण किया जा चुका है। 7074 शिकायतें अभी लंबित हैं. लोनिवि के बाद आईपीएच विभाग से संबंधित 6,552, राजस्व विभाग की 4,061, ग्रामीण विकास विभाग की 3,701, बिजली बोर्ड की 2,975, पंचायती राज विभाग की 2,692, परिवहन विभाग की 1,567, शिक्षा विभाग की 1,243, खाद्य आपूर्ति विभाग की 1,151, स्वास्थ्य विभाग की 999, वन विभाग की 941, नगर निगम शिमला की 482, उद्योग विभाग की 318, श्रम एवं रोजगार विभाग की 303 और पशुपालन विभाग की 302 शिकायतें प्राप्त हुई है. सी.एम. हैल्पलाइन पर कांगड़ा, मंडी और शिमला जिला से सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हुई है.
जानकारी के अनुसार कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 9,027, मंडी से 7,372, शिमला से 4,890, बिलासपुर से 4,665, सोलन से 4,084, हमीरपुर से 3,413, ऊना से 2,809, चंबा से 2,629, सिरमौर से 2,526, कुल्लू से 1,501, किन्नौर से 215 और लाहौल-स्पीति से 42 शिकायतें प्राप्त हुई.
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हेल्पलाइन नंबर लॉन्च करते वक्त घोषणा की थी कि वह तिमाही आधार पर इसकी समीक्षा करेंगे. छह जनवरी को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का जन्मदिन है, लिहाजा उन्होंने इस मौके पर हेल्पलाइन की समीक्षा करने की योजना बनाई है. समीक्षा के दौरान हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निस्तारण में बेहतरीन काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्यमंत्री की ओर से तोहफा भी मिल सकता है. साथ ही शिकायत निस्तारण मेें ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज भी गिर सकती है.