2018 में देश के 5,763 अन्नदाताओं ने की आत्महत्या

50 वर्षीय किसान ने की आत्महत्या, कृषि मंत्री ने दिये जांच के आदेश - Panchayat Times

नई दिल्ली. वर्ष 2018 में भारत में कुल 50,74,634 अपराध हुए, जिनमें से 31,32,954 अपराध भारतीय दंड संहिता (IPC) के दायरे में आते हैं, जबकी 19,41,680 अपराध विशेष और स्थानीय कानून (Special & Local Laws or SLL) के तहत दर्ज किए गए है. हालांकि यह दिखाता है कि वर्ष 2017 (50,07,044 मामलों) कि तुलना मामलों के पंजीकरण में 1.3% की वृद्धि देखी गई है, हालांकि, अपराध दर 2017 में 388.6 प्रति लाख से घटकर 2018 में 383.5 हो गई है.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले 10,349 लोगों ने आत्महत्या की. यह साल 2018 में देश में हुए खुदकुशी के मामलों का सात फीसदी है. वर्ष 2018 में कुल 1,34,516 लोगों ने आत्महत्या की.

2016 की तुलना में 2018 में घटी संख्या

देश में अपराध के आंकड़ों का संकलन कर विश्लेषण करने के लिए जिम्मेदार संस्था के मुताबिक, 2016 के मुकाबले 2018 में किसानों की खुदकुशी के मामलों में कमी आई है. वर्ष 2016 में 11,379 किसानों ने आत्महत्या की थी.

कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किसानों, खेतिहर और कृषि मजदूरों की खुदकुशी के मामले शून्य रहे. एनसीआरबी के मुताबिक पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड, मेघालय, गोवा, चंडीगढ़, दमन और दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी ऐसे राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश रहे जहां पर कृषि क्षेत्र में कार्यरत किसी भी व्यक्ति की खुदकुशी की घटना दर्ज नहीं की गई.

2017 के आंकड़े नही

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से बुधवार को जारी कि गई रिपोर्ट में 2017 के आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, आत्महत्या करने वाले किसानों में अधिकतर पुरुष हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ वर्ष 2018 में कृषि क्षेत्र से जुड़े 10,349 लोगों ने खुदकुशी की. इनमें भी 5,763 किसान हैं जबकि शेष 4,586 खेतिहर मजदूर हैं. यह आंकड़ा देश में कुल आत्महत्या के मामलों का 7.7 प्रतिशत है.’

5,763 किसानों ने की आत्महत्या

ब्यूरो के अनुसार 2018 में आत्महत्या करने वाले 5,763 किसानों में 5,457 पुरुष और 306 महिलाएं हैं. इसी प्रकार आत्महत्या करने वाले 4,586 खेतिहर मजदूरों में 4,071 पुरुष और 515 महिलाएं शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में कुल 1,34,516 लोगों ने खुदकुशी की, जो 2017 के 1,29,887 आत्महत्या के मामलों के मुकाबले 3.6 प्रतिशत अधिक है.

किसानों की खुदकुशी के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए. कुल खुदकुशी के 34.7 फीसदी मामले महाराष्ट्र में, 23.2 फीसदी कर्नाटक में, 8.8 फीसदी तेलंगाना में, 6.4 फीसदी आंध्र प्रदेश में और 6.3 फीसदी मध्य प्रदेश में दर्ज किए गये.

महाराष्ट्र में सबसे अधिक किसानों ने दी जान

आत्महत्या के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र (17,972) में दर्ज किए गए. दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमश: तमिलनाडु (13,896), पश्चिम बंगाल (13,255), मध्य प्रदेश (11,775) और कर्नाटक (11,561) है. इन पांच राज्यों में ही 50.9 फीसदी खुदकुशी के मामले दर्ज किए गए. सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश जहां देश की 16.9 प्रतिशत आबादी रहती है, वहां कुल खुदकुशी में से 3.6 प्रतिशत मामले दर्ज किए गये.

केंद्रशासित प्रदेश के मामले में सबसे अधिक दिल्ली में 2,526 खुदकुशी के मामले दर्ज किए गए. 500 आत्महत्या के मामलों के साथ पुडुचेरी दूसरे स्थान पर रहा.