हिमाचल में दीवाली की रात बनी काली रात, हुआ इतने करोड़ का नुकसान

हिमाचल में दीवाली की रात बनी काली रात, हुआ इतने करोड़ का नुकसान -Panchayat Times
प्रतीक चित्र

शिमला. हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में दीवाली की रात बुधवार को आग ने खूब कोहराम मचाया. दस जिलों में आगजनी की घटनाओं के कारण कुछ लोगों की दीपावली फीकी पड़ गई और उन्हें काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. इस दौरान दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. अधिकतर आग की घटनाएं पटाखों, आतिशबाजी और शार्ट सर्किट के कारण हुई.

पूरे प्रदेश में दीवाली पर्व पर अग्निकांड की 70 घटनाएं हुई, जिनमें 1.67 करोड़ की संपति जलकर राख हो गई, हालांकि फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी 2.61 करोड़ की संपति को अग्निकांड की भेंट चढ़ने से बचा लिया गया. जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़ बाकी अन्य जिलों में अग्निकांड ने जमकर कहर बरपाया. दिवाली पर्व पर आगजनी की घटनाएं कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा हुई. कांगड़ा में पटाखों और आतिशबाजी से आग लगने की 15 घटनाएं सामने आई है.

चिड़गांव में आग से लकड़ी का तीन मंजिला मकान राख

सबसे बड़ा अग्निकांड कांगड़ा के घुरकड़ी गांव में शिमला-मटौर हाईवे के किनारे घटित हुआ. यहां आतिशबाजी के कारण एक निजी कंपनी की वर्कशाप की छत पर आग भड़कने से 75 बाइकें जल कर राख हो गई. इस घटना में 45 लाख रुपए का नुकसान हुआ है. दमकल वाहनों को आग पर काबू पाने में तीन घंटे लग गए. दमकल कर्मियों की मुस्तैदी से 120 बाइकें जलने से बच गई. अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक दीवाली की रात छोड़ी गई. आतिशबाजी के इस वर्कशाप की छत पर गिरने से यह भयानक अग्निकांड हुआ.

कांगड़ा के बाद दूसरे नंबर पर शिमला और सोलन जिले रहे. यहां पर 12-12 जगह अग्निकांड की घटनाएं पेश आई. इसके अलावा सिरमौर जिला में 8, ऊना में 6, हमीरपुर और मंडी में 5 और कुल्लू औरचंबा में आगजनी की 2 घटनाएं पेश आई.

दीवाली की रात आधा दर्जन जगहों पर आग, दो दुकानें राख

राजधानी शिमला में देर रात रेलवे स्टेशन के समीप दो दुकानों में हुई आगजनी में लाखों के नुकसान का अनुमान है. दमकल कर्मियों ने भोजनालय से आधा दर्जन सिलेंडरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला. इस वजह से आग को भयावह होने से रोका जा सका. इस अग्निकांड में एक डेली नीड की दुकान और एक भोजनालय राख हो गया. मॉल रोड स्थित मुख्य दमकल केंद्र में आग लगने की सूचना रात्रि 11 बजे पहुंची और मॉल रोड और बालूगंज दमकल केंद्रों से दमकल वाहन घटनास्थल के लिए रवाना हुए.

दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई

दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. इस दौरान ओल्ड बस स्टैंड-न्यू बस स्टैंड सड़क पर ट्रैफिक भी रोक दिया गया. घटनास्थल के बगल में ही लेबर ब्यूरो का दफ्तर और सरकारी रिहायशी मकान थे. महज 50-100 मीटर की दूरी पर विधानसभा परिसर में विधायकों के आवास थे. दमकल महकमे की मुस्तैदी से आग पर नियंत्रण पा लेने से भयंकर हादसा होने से बच गया. पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में आग का कारण शार्ट सर्किट सामने आया है.

शिमला जिले में दूसरा बड़ा आगजनी का हादसा रामपुर उपमण्डल के चिडगांव इलाके की जांगला पुलिस चैकी के अंतर्गत बिचाडी गांव में हुआ, जहां मकान जलकर राख हो गया. मकान जलने से पीड़ित परिवार बेघर हो गया है. आग लगने की वजह से करीब बीस से तीस लाख रुपए का नुकसान आंका गया है. हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

अग्निकांड से राख हुआ मकान चमन लाल पुत्र भजन दास का था और इसमें 12 कमरे थे. घर लकड़ी का बना था. इस कारण आग तीव्रता से फैली और पूरा मकान पल भर में राख के ढेर में बदल गया. आगजनी की घटना रात्रि तीन बजे के करीब हुई. जब पूरा परिवार सो रहा था. इसी बीच एक कमरे से धुआं उठते देख परिवार को आग लगने का आभास हुआ और सभी सदस्य जान बचाकर बाहर निकले. चन्द मिनटों में आग की लपटों ने लकड़ी के बने मकान को चपेट में ले लिया और पूरा मकान धू-धू कर जल गया.

यह मकान बिचाडी गांव में सुनसान जगह पर था.इस कारण गांव वाले आग बुझाने मौके पर नहीं पहुंच पाए. गांव के लिए तंग सड़क होने के चलते दमकल वाहन भी घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाए.अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में हुई आगजनी की घटनाओं में एक दर्जन के करीब दिवाली पर्व पर फायर काल आई, जिसमें समय रहते कार्रवाई कर ली गई.

अग्निशमन विभाग की माने तो दिवाली पर्व पर एक ही दिन में हुई आगजनी की सभी घटनाएं पटाखों और आतिशबाजी के कारण हुई. आतिशबाजी और  पटाखों से भड़की चिंगारी के कारण आग फैल गई. विभाग की मानें तो लोगों को पहले ही पटाखों और आतिशबाजी से होने वाले आग की घटनाओ के बारे में जागरुक भी किया गया था. इसके बावजूद खुशियों के त्योहार दीपावली पर लोगों ने पटाखे फोड़ने व आतिशबाजी में कोई कसर नहीं छोड़ी.

अग्निशमन विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी धर्म चंद शर्मा का कहना है कि दिवाली पर्व पर प्रदेश भर में आगजनी की 70 घटनाएं हुईं, जिनमें कुल करीब एक करोड़ 67 लाख की संपत्ति जलकर राख हो गई.