गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की धुन, 87 साल की राक्खी खुद बना रही शौचालय

नई दिल्ली. गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की धुन लिए एक बुजुर्ग महिला खुद ही शौचालय बनाने में जुट गई है. जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में रहने वाली 87 वर्षीय राक्खी का जज़्बा देखते ही बनता है. इनकी उम्र भी इस काम में आड़े नहीं आ रही है. उनकी यह कोशिश है कि गांव का कोई भी खुले में शौच के लिए न जाए.

अपने इस काम से गांव की रोल मॉडल बन चुकी राक्खी कहती हैं कि हर किसी को गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की पहल का हिस्सा बनना चाहिए. जिला प्रशासन शौचालय की महत्ता को लेकर लोगों के बीच अभियान चला रहा था. इस अभियान से ये बुजुर्ग महिला प्रेरित हुई. जिसके बाद उन्होंने ख़ुद ही शौचालय का निर्माण करना शुरू कर दिया.

राक्खी बताती हैं कि वह खुले में शौच को जाने के लिए मजबूर थीं, क्योंकि उन्हें इससे होने वाले नुकसान के बारे में नहीं पता था. उन्होंने कहा कि वह ख़ुद शौचालय का निर्माण कर रही हैं, क्योंकि उनके पास मजदूर रखने के लिए पैसे नहीं है.

डिप्टी कमिश्नर ने की तारीफ़

वहीं राक्खी के इस पहल ऊधमपुर के डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ये वक्त है जब लोग अपने पारंपरिक सोच में बदलाव ला रहे हैं. मुझे आश्चर्य हुआ जब मुझे पता चला कि 87 साल की महिला बिना किसी मदद के अपने हाथ शौचालय बना रही हैं. मैं उस महिला के जज़्बे की तारीफ़ करता हूं. हम सभी को उनसे सीखना चाहिए.

निश्चित तौर पर 87 साल की राक्खी उन लोगों के लिए एक नज़ीर हैं जो पैसे होने के बावजूद भी अपनी पारंपरिक सोच में बदलाव नहीं ला पा रहे हैं. प्रशासन की पहल से ही महिला को इस बात की जानकारी हुई कि खुले में शौच करना कितना नुकसानदेह है. यानि जमीनी स्तर पर जितना ज़्यादा लोगों को जागरूक किया जाएगा, नतीजा उतना ही बेहतर देखने को मिलेगा.