महिला पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन में सीएम रघुवर दास ने कहा…

आठवें महिला पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र - Panchayat Times

रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि तकनीकी युग में अपराध का स्वरूप भी बदल रहा है और नए-नए प्रकार के अपराधों से सुरक्षा बलों का सामना हो रहा है इसलिए हमें इस चुनौती को अवसर के रूप में लेना है. मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां आठवें महिला पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि पुलिसकर्मियों को हर प्रकार से दक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है. नये-नये तकनीक का उपयोग कर ही पुलिसकर्मी दोषियों का सजा दिला पायेंगे. महिला पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन में किस प्रकार दक्षता और पेशेवर तरीके से हम तकनीक का उपयोग करते हुए आने वाली चुनौतियों से निपट सकते हैं, उस पर मंथन होगा. इसका जो भी सार निकलेगा उसका लाभ पूरे देश को होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में हर क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं है. हमारे यहां सामर्थ्य है, संभावना है और संयोग है. यदि हमारे राज्य की महिलाओं को हम साथ लेकर आगे बढ़े हैं, तो हमारे राज्य को विकसित राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता है. राज्य की महिलाओं ने ठान लिया है, अब विकास कोई रोक नहीं सकता महिलाओं के इस विशेष योगदान को ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने पुलिस बहाली में 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं के लिए किया है. इसके साथ ही अलग बटालियन का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के साझेदारी के बिना विकास नहीं हो सकता.महिला पुलिसकर्मी को सुविधा देने के लिए आधारभूत संरचना पर भी काफी काम किया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में नारी शक्ति को हम देवी के रूप में पूजते हैं. हर क्षेत्र में हमारी बेटियों और बहनों ने देश का नाम रोशन किया है. आप सभी का मैं भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती पर स्वागत करता हूं और आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि नारी शक्ति हमारे समाज, राज्य और राष्ट्र की शक्ति बने. हमें महिलाओं को आगे करना होगा. हमने जब-जब अपनी बहनों को, बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दिया है, तब-तब उन्होंने भारत का नाम रोशन किया.

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झारखंड पुलिस और राष्ट्रीय अनुसंधान विकास ब्यूरो के संयुक्त तत्वाधान में धुर्वा स्थित ज्यूडिशियल एकेडमी दो दिन तक चलने वाली इस सम्मेलन का समापन मंगलवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू करेंगी. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नई चुनौतियों के बीच सशक्त कार्यस्थल और कम्युनीटी पुलिसिंग पर चर्चा किया गया. वक्ताओं ने बताया कि राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर एकमात्र ऐसा मंच है, जो वर्दीधारी महिलाओं के मुद्दों से संबद्ध है तथा उनके पेशेवर क्षमता को महत्तम और अनुकूल बनाने के लिए एक सक्रिय वातावरण उपलब्ध कराता है. देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक कुल 7 सम्मेलनों का आयोजन किया गया है.

सम्मेलन के पहले दिन वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की क्षमता को महत्व देते हुए अनुकूल बनाने के लिए यह सम्मेलन एक सक्रिय वातावरण उपलब्ध कराएगा. राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन पुलिस संस्थानों केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में होने वाले यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए उपलब्ध तंत्र को मजबूत करने तथा उस पर निगरानी रखने के लिए कार्य कर रहा है. पुलिस के सभी रैंक में लिंग संवेदी कारण तथा महिलाओं के अनन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण जैसे मुद्दों के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है. जैसे विश्राम गृह, शौचालय, शिशु गृह आदि का निर्माण शामिल है.

मौके पर आयोजन समिति के सचिव प्रिया दुबे ने बताया कि इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों के 149 प्रतिभागी शामिल हुए है. जिसमें राजस्थान से सात, एसबीपी अकैडमी हैदराबाद से पांच, मेघालय से चार, आरपीएफ से सात, मणिपुर से दो पश्चिम बंगाल से आठ, उत्तराखंड से छह, आइटीबीपी से तीन, आइटीबीपी एकेडमी से पांच, सीआईएसफ से तीन केरल से चार, बीएसएफ से छह, नारकोटिक्स ब्यूरो से तीन, बिहार से पांच सीआरपीएफ से पांच, जम्मू कश्मीर से छह, एनडीआरएफ से एक, असम से पांच, हरियाणा से तीन, गुजरात से पांच, तेलंगाना से एक एसएसबी से चार, कर्नाटक से 11, तमिलनाडु से छह, उत्तर प्रदेश से दो, त्रिपुरा से एक एनडीआरएफ से तीन, असम राइफल्स से छह, महाराष्ट्र से पांच, पंजाब से छह और उड़ीसा से छह प्रतिभागी शामिल हुए हैं. कार्यक्रम में झारखंड के डीजीपी डीके पांडे, बीपीआरएंडडी के महानिदेशक ए पी महेश्वरी, सम्मेलन की अध्यक्ष बी संध्या, सम्मेलन की सचिव संपत मीना, झारखंड आयोजन समिति के सचिव प्रिया दुबे सहित अन्य लोग मौजूद थे.