प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: 2.14 करोड़ पात्र लाभार्थियों में से 1.92 करोड़ मकानों को मिली मंजूरी, जानिए कब तक मिल पायेगा गांव-पंचायतों में सबको पक्का घर

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: 2.14 करोड़ पात्र लाभार्थियों में से 1.92 करोड़ को मिली मंजूरी, जानिए कब तक मिल पायेगा गांव-पंचायतों में सबको पक्का घर - Panchayat Times
For representational purpose only Source :- PM Awaas Yojana website

नई दिल्ली. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस रिलीज कर बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अब तक 2.14 करोड़ लाभार्थी पात्र पाए गए हैं और आगे यह संख्या कम होने की संभावना है.

ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है. इसके तहत योजना के पहले चरण में यानी 2016-17 से 2018-19 तक 92% लक्ष्य हासिल किया गया है. सरकार को भरोसा है कि स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) में शामिल सभी घर अमृत महोत्सव के अंत तक पूरे हो जाएंगे.

Target ReportAs On: 07/04/2021 16:03:41
#SNoState NameMoRD TargetCompletedPercentage of Completion against MoRD Target
 Total217656561366694062.79
1ARUNACHAL PRADESH3404230669.01
2ASSAM88183339756845.08
3BIHAR3285574186910556.89
4CHHATTISGARH109715079589072.54
5GOA17071126.56
6GUJARAT42357826342562.19
7HARYANA215022051995.43
8HIMACHAL PRADESH12379764261.73
9JAMMU AND KASHMIR1657664275225.79
10JHARKHAND127291683756065.8
11KERALA424311744741.12
12MADHYA PRADESH2628593184182070.07
13MAHARASHTRA120939861660250.98
14MANIPUR344821096031.78
15MEGHALAYA678812114931.16
16MIZORAM19681435322.12
17NAGALAND24383423917.39
18ODISHA2423012158307965.34
19PUNJAB240001738772.45
20RAJASTHAN1571213111780471.14
21SIKKIM1079106598.7
22TAMIL NADU52755228284753.61
23TRIPURA538274557684.67
24UTTAR PRADESH2194107145048666.11
25UTTARAKHAND260651237647.48
26WEST BENGAL3404467226562666.55
27ANDAMAN AND NICOBAR162371544.05
28DADRA AND NAGAR HAVELI5718138524.22
29DAMAN AND DIU151386.67
30LAKSHADWEEP573764.91
31PUDUCHERRY000
32ANDHRA PRADESH782764672259.69
33KARNATAKA2313498761337.87
34TELANGANA000
PM Awaas Yojana – Gramin

2011 की सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना (SECC) डेटाबेस का उपयोग करके की गई पहचान

मंत्रालय के द्वारा बताया गया कि मौजूदा स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) के हिसाब से अब तक 2.14 करोड़ लाभार्थी पात्र पाए गए हैं. हालांकि इस सूची में शुरू में 2.95 करोड़ परिवार शामिल थे, मंजूरी के समय पर सत्यापन सहित कई स्तरों पर किए गए सत्यापन (Verification) के माध्यम से, बहुत सारे घरों को पात्र नहीं पाया गया. इसलिए इस सूची को 2.14 करोड़ तक सीमित (Fix) कर दिया गया है.

2016-17 से 2018-19 तक 1 करोड़ घरों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 92% लक्ष्य पूरा

आगे यह संख्या और कम होने की संभावना है. इसे देखते हुए 1.92 करोड़ (90%) मकानों को मंजूरी दी गयी है और मंजूरी पाने वाले मकानों में से 1.36 करोड़ (71%) आवास पूर्ण हो चुके हैं. योजना के पहले चरण में यानी 2016-17 से 2018-19 तक एक करोड़ घरों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 92% लक्ष्य पूरा हो गया है.

2020-21 में बजटीय सहायता के रूप में कुल 19,269 करोड़ रुपये का आवंटन

ग्रामीण विकास मंत्रालय की इस योजना को वित्त वर्ष 2020-21 में बजटीय सहायता के रूप में कुल 19,269 करोड़ रुपये का आवंटन उपलब्ध कराया गया था. इसके अलावा, 20,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बजटीय सहायता प्रदान की गई.

2020-21 में कुल मिलाकर 39,269 करोड़ रुपये की राशि जारी की गयी

योजना को 2020-21 में कुल मिलाकर 39,269 करोड़ रुपये की राशि जारी की गयी जो योजना शुरू होने के बाद से किसी भी वर्ष में जारी की गयी सबसे ज्यादा राशि है. राज्यों की हिस्सेदारी सहित राज्यों द्वारा किए गए व्यय में मौजूदा वित्त वर्ष में 46,661 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो योजना शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा है.

73 लाख इंदिरा आवास योजना घरों का भी निर्माण पूरा

कार्यक्रम के लिए पर्याप्त धन के अलावा निर्माण कार्य पूरा होने और अन्य सुधारों पर जोर देने के कारण लगभग 73 लाख इंदिरा आवास योजना घरों का निर्माण पूरा हुआ. इस तरह 2014-15 के बाद से विभिन्न ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत लगभग 2.10 करोड़ आवास इकाइयों का निर्माण पूरा हुआ है.

सत्यापन के लिए किया गया था आवास+ (Awaas+) नाम का एक सर्वेक्षण

अब तक पात्र लाभार्थियों की संख्या 2.95 करोड़ से घटकर 2.14 करोड़ होने के कारण, उन सभी परिवारों की पहचान के लिए फील्ड अधिकारियों की मदद से सभी राज्यों/केंद्रशासित क्षेत्रों द्वारा “आवास+” (Awaas+) नाम का एक सर्वेक्षण किया गया था जिन्हें पात्र होने के बावजूद योजना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल नहीं किया गया है.

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार वित्त मंत्रालय ने जुलाई, 2020 में ग्रामीण विकास मंत्रालय को 2.95 करोड़ प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण घरों की सीमा के साथ अंतिम आवास+ सूची के अतिरिक्त पात्र परिवारों को योजना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल करने के प्रस्ताव के लिए सहमति दी थी.

अब ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पात्रता के लिए सर्वेक्षण के नतीजे की समीक्षा की जा रही है और इसके बाद इनका कार्यान्वयन किया जाएगा.