नई दिल्ली: चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने सोमवार को मतदाता सूची (Voter Roll) अपडेट के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची जारी की है। यह घोषणा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के ऐलान के साथ की गई, जो अब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में चलाया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) ने बताया कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR Phase-2 लागू होगा, उनमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
2026 में इन राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। वहीं असम, जहां अगले साल चुनाव होने हैं, वहां SIR प्रक्रिया की घोषणा अलग से की जाएगी।
SIR Phase-2 के लिए जरूरी दस्तावेज़ों की पूरी लिस्ट (List of Documents Required for SIR):
किसी भी केंद्र/राज्य सरकार या PSU के नियमित कर्मचारी या पेंशनर को जारी किया गया पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश (Pension Payment Order)
01 जुलाई 1987 से पहले किसी सरकारी संस्था, बैंक, पोस्ट ऑफिस, LIC या PSU द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र
जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
पासपोर्ट (Passport)
मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन / शैक्षणिक प्रमाण पत्र (Educational Certificate)
संबंधित राज्य प्राधिकरण द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Residence Certificate)
वन अधिकार प्रमाण पत्र (Forest Right Certificate)
OBC/SC/ST या किसी जाति का प्रमाण पत्र, जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया हो
नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) – जहां लागू हो
राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर (Family Register)
सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र (Land/House Allotment Certificate)
आधार कार्ड (Aadhaar) के लिए आयोग के दिशा-निर्देश (पत्र संख्या 2312025-ERS/Vol.II दिनांक 09.09.2025) लागू होंगे
“कोई भी योग्य मतदाता न छूटे” – CEC ग्यानेश कुमार
ग्यानेश कुमार ने कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता (Eligible Elector) छूटे नहीं और कोई भी अयोग्य व्यक्ति (Ineligible Elector) मतदाता सूची में शामिल न हो।
उन्होंने बताया कि SIR का पहला चरण बिहार में सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जहां 7.42 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची 30 सितंबर को प्रकाशित हुई।
SIR Phase-2 का पूरा शेड्यूल:
प्रारंभिक एन्यूमरेशन प्रक्रिया (Enumeration Process): 4 नवंबर 2025 से शुरू
ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Rolls) जारी: 9 दिसंबर 2025
अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll): 7 फरवरी 2026
SIR Phase-2 के अंतर्गत करीब 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।
SIR का उद्देश्य: विदेशी अवैध प्रवासियों की पहचान
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR (Special Intensive Revision) का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों (Illegal Migrants) की पहचान करना है। आयोग जन्मस्थान और निवास के दस्तावेजों की जांच के माध्यम से ऐसे लोगों को मतदाता सूची से बाहर करने पर ध्यान दे रहा है।
यह कदम विशेष रूप से बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों पर चल रही कार्रवाइयों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
SIR का इतिहास और महत्व
CEC ग्यानेश कुमार ने बताया कि आजादी के बाद यह नौवां Special Intensive Revision है। पिछली बार यह प्रक्रिया 2002 से 2004 के बीच हुई थी।
उन्होंने कहा कि आयोग ने सभी 36 राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ दो बैठकों में रोडमैप पर चर्चा की है। कई राज्यों ने अपनी पिछली मतदाता सूची (Last SIR Voter List) अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी है।
🌐 राज्यवार पिछली SIR की स्थिति:
दिल्ली (Delhi): आखिरी SIR 2008 में हुई थी
उत्तराखंड (Uttarakhand): आखिरी SIR 2006 में
बिहार (Bihar): 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर अपडेट किया गया
ज्यादातर राज्यों में पिछली SIR 2002-2004 के बीच हुई थी, और अब मौजूदा मतदाताओं का डेटा उसी आधार पर अपडेट किया जा रहा है।
