नई दिल्ली. दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला टाल दिया है। अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। यह सुनवाई आज (29 नवंबर) सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों की मौजूदगी में हुई।
मामला क्या है?
इस केस की शुरुआत 2012 में BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से हुई थी। स्वामी का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड अख़बार चलाने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों को गलत तरीके से कांग्रेस नेताओं ने हड़प लिया।
ED का आरोप है कि कांग्रेस ने Young Indian Pvt. Ltd. के जरिए करीब 2,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी सिर्फ 50 लाख रुपये में हासिल की। दावा है कि इस दौरान फर्जी रेंट रिसीट, गलत लेनदेन और पार्टी फंड का दुरुपयोग किया गया।
कौन-कौन हैं आरोपी?
चार्जशीट में PMLA की धारा 44 और 45 के तहत ये नाम शामिल हैं:
सोनिया गांधी
राहुल गांधी
सैम पित्रोदा
सुमन दुबे
दिवंगत मोतीलाल वोरा
ऑस्कर फर्नांडिस
Young Indian कंपनी
Dotex Merchandise Pvt. Ltd.
इन पर IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत भी आरोप जुड़े हैं।
अदालत में क्या हुआ?
स्पेशल जज विषाल गोगने ने पहले 7 नवंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुन ली थीं। ED का कहना था कि चार्जशीट पर तुरंत कार्रवाई हो, जबकि बचाव पक्ष ने BNSS सेक्शन 223 के तहत “प्री-कोग्निज़ेंस सुनवाई” का अधिकार मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
आज की सुनवाई में आगे की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अगला आदेश 16 दिसंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
आरोपियों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि इसमें कोई फंड ट्रांसफर नहीं हुआ और आयकर विभाग पहले ही इसे क्लियर कर चुका है।
अगला कदम क्या?
अब मामला 16 दिसंबर को फिर सुना जाएगा। तब यह तय होगा कि कोर्ट ED की चार्जशीट पर औपचारिक रूप से संज्ञान लेती है या नहीं। इस फैसले का असर राहुल और सोनिया गांधी सहित अन्य आरोपियों की कानूनी स्थिति और आगे की जांच प्रक्रिया पर पड़ेगा।नेशनल हेराल्ड केस पिछले एक दशक से सुर्खियों में है और अब भी इसकी कानूनी लड़ाई जारी है। अगली तारीख यानी 16 दिसंबर इस केस की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।
