नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का वर्ष 2026 का पहला प्रक्षेपण सफल नहीं हो सका। PSLV-C62 मिशन के तहत भेजा गया अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-N1 (अन्वेषा) और उसके साथ जुड़े 15 अन्य सह-यात्री उपग्रह निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं हो सके।
लॉन्च के 30 मिनट बाद ISRO ने मानी गड़बड़ी
लॉन्च के लगभग 30 मिनट बाद ISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि मिशन के दौरान एक ‘अनॉमली’ सामने आई है और पूरे डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
लगातार दूसरी बार असफल रहा ISRO का वर्कहॉर्स PSLV
यह लगातार दूसरी बार है जब पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) मिशन असफल हुआ है। PSLV को ISRO का ‘वर्कहॉर्स’ कहा जाता है, क्योंकि इसने अब तक सबसे ज्यादा मिशन पूरे किए हैं। यह मिशन New Space India Limited (NSIL) का नौवां व्यावसायिक मिशन था, जिसमें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्टार्ट-अप्स की भागीदारी थी।
ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने क्या कहा
लाइव स्ट्रीम के दौरान ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि PSLV एक चार-चरणीय लॉन्च वाहन है। तीसरे चरण के अंत तक इसका प्रदर्शन सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद वाहन में गड़बड़ी देखी गई और उड़ान पथ से विचलन हुआ। हम डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द जानकारी देंगे।
तीसरे चरण में गड़बड़ी फिर बनी वजह
इससे पहले 19 मई को हुए EOS-9 मिशन में भी PSLV का तीसरा चरण विफल हुआ था। इस बार भी तीसरे चरण के कॉन्फिगरेशन में समस्या के चलते अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट मिशन असफल रहा।
PSLV-DL वेरिएंट से किया गया था प्रक्षेपण
यह लॉन्च PSLV-DL वेरिएंट से किया गया था, जिसमें दो स्ट्रैप-ऑन मोटर्स थीं। लाइव स्ट्रीम के अनुसार दोनों मोटर्स सामान्य रूप से काम कर रही थीं।
15 अंतरराष्ट्रीय और भारतीय उपग्रह हुए नुकसान का शिकार
EOS-N1 उपग्रह को DRDO और ISRO ने संयुक्त रूप से विकसित किया था। इसके अलावा मिशन में भारत, ब्रिटेन, थाईलैंड, नेपाल, ब्राजील और स्पेन के उपग्रह शामिल थे।
चार भारतीय राज्यों—ओडिशा, मणिपुर, असम और कर्नाटक—के विश्वविद्यालय छात्रों द्वारा बनाए गए उपग्रह भी इस मिशन का हिस्सा थे। सूत्रों के अनुसार, सभी पेलोड्स के नष्ट होने की आशंका है।
KID कैप्सूल मिशन भी अधूरा
इस मिशन के जरिए स्पेन की स्टार्ट-अप कंपनी Orbital Paradigm का KID कैप्सूल भी भेजा जाना था, जिसका उद्देश्य पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश (री-एंट्री) का प्रदर्शन करना था। यह कैप्सूल PSLV के PS-4 चरण के साथ दक्षिणी प्रशांत महासागर में गिरने वाला था।
हाल के वर्षों में ISRO को झेलनी पड़ी चुनौतियां
बीते एक साल में ISRO के पांच में से तीन मिशन असफल या विलंबित रहे हैं।
SpaDEx मिशन (2025) में डॉकिंग-डेमोंस्ट्रेशन में देरी
मई 2025 का PSLV मिशन असफल
जनवरी 2026 का PSLV-C62 मिशन विफल
2026 में ISRO के पांच और मिशन प्रस्तावित
ISRO के अनुसार, 2026 में अभी पांच और मिशन प्रस्तावित हैं, जिनमें
गगनयान का मानव रहित परीक्षण मिशन
पहला उद्योग-निर्मित PSLV लॉन्च शामिल है।
हालांकि, ISRO ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि PSLV-C62 मिशन के पेलोड्स को पुनः प्राप्त किया जा सकता है या नहीं, और क्या मिशन को दोबारा अंजाम दिया जाएगा।
