नई दिल्ली: देश में बढ़ते Stray Dogs Case को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि कुत्तों के काटने से होने वाली हर मौत के लिए संबंधित राज्य सरकार पर भारी मुआवजा लगाया जाएगा।इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने की।
कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी तय होगी जिम्मेदारी: SC
सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला अब अदालत की बजाय एक “पब्लिक प्लेटफॉर्म” बन गया है।
ABC Rules लागू करने में राज्य सरकारें पूरी तरह नाकाम
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने Animal Birth Control (ABC) Rules को लागू करने में “बुरी तरह विफलता” दिखाई है।
पीठ ने कहा,
“हम केंद्र और राज्य सरकारों को जवाबदेह ठहराएंगे। यह समस्या दशकों से चली आ रही है। संसद 1950 के दशक से इस पर विचार कर रही है, फिर भी हालात और बिगड़ते गए। यह पूरी तरह केंद्र और राज्य सरकारों की विफलता है। हर उस पुरुष, महिला और बच्चे के लिए जिसने डॉग बाइट से जान गंवाई है, सरकार को भारी मुआवजा देना होगा।”
हर डॉग बाइट और मौत पर तय होगी जवाबदेही
अदालत ने आगे कहा कि वह केंद्र और राज्यों के साथ आधा दिन बैठकर यह जानना चाहती है कि कोई ठोस एक्शन प्लान है या नहीं।
पीठ ने स्पष्ट किया कि
“हर डॉग बाइट और हर मौत के लिए राज्य सरकारों पर भारी मुआवजा तय किया जाएगा। साथ ही कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी जिम्मेदारी तय होगी।”
वकील ने बताया ‘भावनात्मक मुद्दा’
यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी की दलील पर आई, जिन्होंने इस मुद्दे को एक “emotional matter” बताया। इससे पहले 8 जनवरी को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ABC नियमों के कमजोर क्रियान्वयन पर नाराजगी जताते हुए डॉग लवर्स को “हकीकत से दूर” बताया था। इस मामले में अभिनेत्री शर्मिला टैगोर भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।
महिलाओं से कथित उत्पीड़न पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह भी कहा कि वह डॉग फीडर्स और केयरगिवर्स, खासकर महिलाओं के उत्पीड़न के आरोपों पर विचार नहीं करेगा क्योंकि यह कानून-व्यवस्था का मामला है। पीड़ित लोग इस संबंध में FIR दर्ज करा सकते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों पर हमलों के वीडियो का जिक्र
तीन जजों की पीठ ने कहा कि अदालत के सामने रखी गई कई दलीलें “ground reality से दूर” हैं और आवारा कुत्तों द्वारा बच्चों और बुजुर्गों पर हमले के कई वीडियो मौजूद हैं।
सख्त अनुपालन की मांग
सुप्रीम कोर्ट विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें कुछ याचिकाएं पुराने आदेशों में संशोधन और कुछ कड़े अनुपालन (strict compliance) की मांग से जुड़ी हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता महालक्ष्मी पावनी ने महिलाओं डॉग फीडर्स की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग कानून अपने हाथ में लेकर उन्हें परेशान कर रहे हैं।
