नई दिल्ली: सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए बैगेज नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है और इसके साथ ही नई कस्टम्स बैगेज (डिक्लेरेशन और प्रोसेसिंग) रेगुलेशंस, 2026 और एक मास्टर सर्कुलर भी जारी किया है। इन नए प्रावधानों का उद्देश्य हवाई अड्डों पर प्रक्रियाओं को आसान, तेज और पारदर्शी बनाना है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, नए नियमों से कागजी कार्रवाई कम होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और कस्टम्स क्लीयरेंस में लगने वाला समय घटेगा। अब यात्री अपने बैगेज की इलेक्ट्रॉनिक घोषणा कर सकेंगे, वह भी यात्रा से पहले, जिससे कस्टम्स काउंटरों पर समय की बचत होगी।
लैपटॉप ड्यूटी-फ्री लाने की अनुमति दी गई
नए नियमों के तहत यात्रियों को जनरल फ्री अलाउंस में बढ़ोतरी, ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस लाभ और ज्वेलरी के लिए विशेष छूट दी गई है। इसके अलावा, 18 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों को एक लैपटॉप ड्यूटी-फ्री लाने की अनुमति दी गई है।
सरकार ने अस्थायी आयात (टेम्परेरी इम्पोर्ट) और री-इम्पोर्ट से जुड़े नए प्रावधान भी जोड़े हैं, जिससे विदेश ले जाए गए और वापस लाए गए सामान पर कम जटिलताएं होंगी। निर्धारित नियमों के तहत पालतू जानवरों (पेट्स) को भी ड्यूटी-फ्री लाने की सुविधा दी गई है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये कदम अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सहायक और अद्यतन प्रावधानों को दर्शाते हैं, जो बदलती आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ते यात्रा ट्रैफिक और यात्रियों की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं।
