नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC, India) ने जनवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में दिल्ली से बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया है। आयोग ने इस मामले को गंभीर human rights concern बताते हुए दिल्ली के Chief Secretary और Police Commissioner को नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट (detailed report) मांगी गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के आंकड़ों में सामने आया है कि जनवरी 2026 के पहले दो सप्ताह में 807 लोग लापता हुए, जिनमें 191 नाबालिग (minors) और 616 वयस्क (adults) शामिल हैं। इनमें से पुलिस अब तक 235 लोगों को तलाशने में सफल रही है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता (untraced) हैं।
आयोग ने कहा कि यदि रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन (violation of human rights) से जुड़ा गंभीर मामला है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
2025 में भी बड़ी संख्या में लोग हुए लापता
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में दिल्ली में कुल 24,508 लोग लापता हुए थे। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं (women) थीं। पुलिस ने 15,421 लोगों को खोज निकाला, जबकि 9,087 मामले अब भी unresolved हैं।
आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि किशोरों (teenagers) के लापता होने का खतरा लगातार बना हुआ है। 2016 से हर साल 5,000 से अधिक किशोर लापता हो रहे हैं, जिनमें लगभग 3,500 लड़कियां शामिल होती हैं।
सुरक्षा और निगरानी पर सवाल
इस घटना ने राजधानी में public safety, women safety और child protection mechanism को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब NHRC द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के बाद इस मामले में प्रशासनिक जवाबदेही (administrative accountability) तय होने की उम्मीद है।
