नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है, जहां मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 15,000 वोटों से हरा दिया। यह नतीजा न सिर्फ एक सीट की हार है, बल्कि राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत देता है।
दूसरी बार ममता को हराकर ‘जायंट किलर’ बने अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी ने एक बार फिर खुद को ‘जायंट किलर’ साबित किया है। इससे पहले 2021 में उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था। अब भवानीपुर जैसे उनके मजबूत गढ़ में जीत हासिल कर उन्होंने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
शुरुआती बढ़त के बाद पलटा मुकाबला
गिनती के शुरुआती रुझानों में ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन जैसे-जैसे राउंड बढ़ते गए, मुकाबला उनके हाथ से फिसलता गया। आखिरी दौर में सुवेंदु अधिकारी ने बढ़त बनाकर निर्णायक जीत दर्ज की।
भवानीपुर की हार का बड़ा राजनीतिक असर
भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। 2011 से यह सीट उनके राजनीतिक वर्चस्व का प्रतीक रही है। ऐसे में यहां हार TMC के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है और इससे बंगाल की राजनीति का संतुलन बदल सकता है।
गिनती के दौरान हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप
मतगणना के दौरान भी भवानीपुर में काफी सियासी ड्रामा देखने को मिला। ममता बनर्जी खुद काउंटिंग सेंटर पहुंचीं और गड़बड़ी के आरोप लगाए, जबकि BJP की ओर से भी नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए।
बंगाल में BJP की बढ़त के बीच आया बड़ा नतीजा
पूरे पश्चिम बंगाल में BJP पहले ही बड़ी बढ़त बना चुकी है और 200 सीटों के करीब पहुंच गई है। ऐसे में भवानीपुर का यह नतीजा पार्टी के लिए और भी अहम हो जाता है, जो राज्य में सत्ता परिवर्तन का संकेत दे रहा है।
‘हम वापसी करेंगे’, ममता का संदेश
हार के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ‘बाउंस बैक’ करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताते हुए भविष्य में मजबूत वापसी का भरोसा दिया।
बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
भवानीपुर के नतीजे ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में अब नया दौर शुरू हो चुका है, जहां लंबे समय से स्थापित समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
