नई दिल्ली. केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की जीत को “ऐतिहासिक” बताते हुए वरिष्ठ नेता Sachin Pilot ने कहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा और यह सभी को स्वीकार होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जीत राज्य की राजनीति को नई दिशा देगी।
CM चयन पर हाईकमान की अंतिम मुहर
सचिन पायलट ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नाम पर कोई विवाद नहीं होगा, क्योंकि पार्टी की स्थापित प्रक्रिया के तहत सभी विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और सहयोगी दलों से चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और अन्य वरिष्ठ नेता मिलकर अंतिम फैसला करेंगे।
UDF की जीत को बताया निर्णायक जनादेश
पायलट ने कहा कि केरल की जनता ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भरोसा जताया है। यह जीत पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेतृत्व की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि चुनाव में दिए गए वादों और गारंटियों को जनता ने स्वीकार किया है, जो आने वाले समय में बदलाव का आधार बनेगा।
10 साल बाद सत्ता में वापसी की तैयारी
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF 140 सदस्यीय विधानसभा में 95 से अधिक सीटों पर जीत/बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है। इस जीत के साथ ही केरल में 10 साल से सत्ता में रही LDF सरकार का अंत तय माना जा रहा है।
एकजुटता बनी जीत की सबसे बड़ी वजह
सचिन पायलट ने कहा कि केरल इस बात का उदाहरण है कि जब पार्टी एकजुट होकर काम करती है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं, नेताओं और शीर्ष नेतृत्व के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अब पार्टी पर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी है।
नई सरकार से बढ़ी उम्मीदें
केरल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अब कांग्रेस के सामने शासन और वादों को पूरा करने की चुनौती होगी। मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला भले ही हाईकमान करेगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि पार्टी इस जीत को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए सतर्क रणनीति अपनाएगी।
