नई दिल्ली. ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देश में लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने से लगभग 7 लाख करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। समिति के अनुसार इससे प्रशासनिक दक्षता बेहतर होगी और भारत की GDP वृद्धि दर में 1.6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है।
गांधीनगर में JPC चेयरमैन ने रखे आंकड़े
P. P. Chaudhary ने गांधीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस विषय का अध्ययन करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति Ram Nath Kovind की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन किया था।
उन्होंने बताया कि समिति ने करीब 186 दिनों तक विस्तृत अध्ययन और विचार-विमर्श के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद इस मुद्दे को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया।
लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव
JPC चेयरमैन के मुताबिक समिति की सिफारिशों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने का सुझाव दिया गया है। इसके बाद पंचायत और नगर निकाय चुनाव 100 दिनों के भीतर कराए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
समिति का मानना है कि बार-बार चुनाव होने से सरकारी मशीनरी, सुरक्षा बलों और प्रशासनिक संसाधनों पर भारी दबाव पड़ता है। यदि चुनाव एक साथ होंगे तो खर्च में बड़ी कटौती होगी और सरकारें ज्यादा समय विकास कार्यों पर केंद्रित कर सकेंगी।
गुजरात दौरे पर है संयुक्त संसदीय समिति
संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2024 पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर है। इस दौरान समिति के सदस्यों ने गुजरात के मुख्य सचिव M. K. Das, डीजीपी K. L. N. Rao और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी क्लब में बैठक भी की।
39 सांसद हैं समिति का हिस्सा
संयुक्त संसदीय समिति में कुल 39 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 27 लोकसभा सांसद और 12 राज्यसभा सांसद शामिल हैं। समिति ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े संवैधानिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तृत अध्ययन कर रही है।
