नई दिल्ली. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री Joseph Vijay ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करते हुए 23 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। चेन्नई स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
नवनियुक्त मंत्रियों में 21 विधायक सत्तारूढ़ Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) से हैं, जबकि दो विधायक कांग्रेस पार्टी से शामिल किए गए हैं। कांग्रेस विधायकों एस राजेश कुमार और पी विश्वनाथन का मंत्री बनना राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि 1967 के बाद पहली बार कांग्रेस औपचारिक रूप से तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनी है।
कांग्रेस नेताओं को मिला मंत्री पद
कांग्रेस विधायक एस राजेश कुमार और पी विश्वनाथन ने मंत्री पद की शपथ ली। राजेश कुमार कन्याकुमारी जिले की किलियूर सीट से विधायक हैं, जबकि पी विश्वनाथन मदुरै के मेलूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
तमिलनाडु में लंबे समय से द्रविड़ दलों का दबदबा रहा है। 1967 में C. N. Annadurai के नेतृत्व में DMK ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया था। इसके बाद DMK और AIADMK की सरकारों में कांग्रेस सहयोगी दल तो रही, लेकिन सरकार में शामिल नहीं हुई।
TVK के 21 विधायकों को भी मिली जगह
विजय सरकार के नए मंत्रिमंडल में TVK के कई विधायकों को शामिल किया गया है। इनमें ए श्रीनाथ, कमली एस, सी विजयलक्ष्मी, आरवी रंजीतकुमार, आर विनोथ, राजीव, बी राजकुमार, वी गांधीराज, मदन राजा पी, जेगदेश्वरी के, एम विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेलवन, विजय तमिलन पार्थिबन, रमेश, कुमार आर, थेन्नारासु के, वी संपत कुमार, मोहम्मद फारवास जे, डी सरथकुमार, एन मैरी विल्सन और विग्नेश के शामिल हैं।
IUML और VCK को अभी नहीं मिली कैबिनेट में जगह
सरकार को समर्थन देने वाले सहयोगी दल Indian Union Muslim League (IUML) और Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) को फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं मिली है। हालांकि मुख्यमंत्री विजय ने दोनों दलों को सरकार में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। IUML ने सिद्धांत रूप से सरकार में शामिल होने पर सहमति जताई है, लेकिन पार्टी अभी अपने मंत्री पद के लिए अंतिम नाम तय नहीं कर पाई है। वहीं VCK ने अपने एक विधायक का नाम TVK नेतृत्व को सौंप दिया है।
अभी तीन मंत्री पद खाली
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं। 23 नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद विजय सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। ऐसे में अभी तीन मंत्री पद खाली हैं, जिन्हें भविष्य में सहयोगी दलों को दिया जा सकता है।
