नई दिल्ली: भारत ने खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री Prahlad Joshi ने कहा है कि फसल वर्ष 2025-26 में देश ने रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हासिल किया है, जिसमें धान और गेहूं का उत्पादन अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने इस उपलब्धि को देश की खाद्य सुरक्षा, किसानों की मेहनत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की बड़ी सफलता बताया।
खाद्य सुरक्षा को मिली नई मजबूती
प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन भारत की खाद्य सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी बढ़ाएगी।
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र की यह सफलता देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत कृषि उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिलेगी।
किसानों की मेहनत और समर्पण का परिणाम
केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय देश के करोड़ों किसानों को देते हुए कहा कि भारतीय किसान अपने समर्पण, मेहनत और संघर्षशीलता के बल पर लगातार देश की प्रगति को गति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की अथक मेहनत ही भारत को खाद्यान्न उत्पादन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा कि मौसम की चुनौतियों, बदलते कृषि परिदृश्य और अन्य कठिनाइयों के बावजूद किसानों ने उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यही कारण है कि भारत आज दुनिया के प्रमुख कृषि उत्पादक देशों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।
किसान-केंद्रित योजनाओं का दिखा असर
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि रिकॉर्ड उत्पादन देश के कृषि क्षेत्र की मजबूती और किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए शुरू की गई अनेक पहल का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा, बेहतर बीजों की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल सेवाओं का उपयोग और कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने जैसे कदमों ने उत्पादन क्षमता को मजबूत किया है।
कृषि क्षेत्र बना अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव
विशेषज्ञों का मानना है कि धान और गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन से न केवल खाद्यान्न भंडार मजबूत होगा, बल्कि इससे मूल्य स्थिरता बनाए रखने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन से ग्रामीण मांग और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र की निरंतर प्रगति भारत को खाद्य उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाएगी तथा विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन यह साबित करता है कि भारत का कृषि क्षेत्र मजबूत, सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है। उन्होंने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा में कृषि और किसान दोनों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बनी रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों के सहयोग और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों के बल पर भारत आने वाले वर्षों में भी कृषि उत्पादन के नए रिकॉर्ड स्थापित करता रहेगा और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक उदाहरण बनेगा।
