नई दिल्ली. नेपाल में आई भीषण Flash Flood ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। लगातार जारी राहत और बचाव अभियान के बीच सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 903 हो गई। अधिकारियों के मुताबिक 4 हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें करीब 320 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं।
कई जिलों से बरामद हुए शव
नेपाल की National Disaster Risk Reduction and Management Authority (NDRRMA) के अनुसार, चितवन से 272, नवलपरासी ईस्ट से 207 और नवलपरासी वेस्ट से 151 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा गोरखा से 62, नुवाकोट से 95, धादिंग से 55, तनहूं से 37 और रसुवा से 24 शव बरामद किए गए हैं। बचाव दल अब भी नदी किनारे और प्रभावित इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं।
बाढ़ के बीच फिर जारी हुआ अलर्ट
नेपाल में हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को फिर से सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। रविवार को लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजकर बताया गया कि Bhotekoshi River में पानी का स्तर बढ़ रहा है। इसके अलावा Trishuli River में भी रविवार को अचानक बाढ़ की सूचना मिली। तेज बहाव के कारण गोरखा जिले में घ्यालचोक को पृथ्वी हाईवे के पास चरौदी से जोड़ने वाला एक Suspension Bridge भी बह गया।
PM Balen Shah बोले- यह बेहद भयावह और दिल तोड़ने वाली आपदा
नेपाल के प्रधानमंत्री Balen Shah ने मौजूदा स्थिति को बेहद भयावह बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि देश एक ऐसी आपदा का सामना कर रहा है जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। खराब मौसम, कठिन पहाड़ी इलाकों और लगातार बने हुए खतरे के कारण राहत और बचाव अभियान में परेशानी हो रही है।
शाह ने कहा कि रसुवा में Bhote Koshi River Flood ने जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का पूरा आकलन करना बेहद मुश्किल बना दिया है। इसके बावजूद सरकार लोगों की जान बचाने और प्रभावित नागरिकों तक मदद पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
शव रखने के लिए भी कम पड़ रही जगह
लगातार बढ़ती मौतों के बीच नेपाल के अस्पतालों और Morgues में शव रखने की जगह भी कम पड़ने लगी है। अधिकारियों ने ऐसे शवों के DNA Samples लेने के बाद, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है या जिन पर कोई दावा करने नहीं पहुंचा है, उन्हें दफनाने का फैसला लिया है। DNA रिकॉर्ड भविष्य में मृतकों की पहचान करने में मदद करेंगे।
नेपाल में पहुंची भारत की NDRF टीम
नेपाल ने अब राहत और बचाव अभियान में विदेशी मदद स्वीकार कर ली है। भारत की NDRF और एक Specialised Forensics Team नेपाल में पहुंचकर स्थानीय अधिकारियों की सहायता कर रही है। भारतीय टीम का एक महत्वपूर्ण काम बरामद शवों की पहचान में मदद करना भी है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय Forensics Team नेपाल में DNA Samples के विश्लेषण में सहायता करेगी। टीम ने काठमांडू स्थित Nepal Police की Central Forensic Science Laboratory और Tribhuvan University Teaching Hospital के Forensics Department के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की है। इससे बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान करने और उनके परिवारों तक शव पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है।
अभी खत्म नहीं हुआ खतरा
नेपाल में भारी तबाही के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आई है। नदियों में बढ़ते जलस्तर और नए Flood Alerts ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हजारों लोगों के अब भी लापता होने के कारण मृतकों की संख्या आगे और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन, सुरक्षा बल और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार Search and Rescue Operation चला रहे हैं।
