नई दिल्ली. झारखंड सरकार राज्य में बिना ट्रांजिट परमिट के खनिजों के परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब बिहार समेत पड़ोसी राज्यों से बालू, गिट्टी, बोल्डर और पत्थर जैसे लघु खनिज लेकर झारखंड में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों को निर्धारित शुल्क भी देना होगा।
सरकार का उद्देश्य अवैध खनन और बिना टैक्स या जरूरी शुल्क चुकाए खनिज सामग्री के परिवहन पर लगाम लगाना है। शुक्रवार को खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
झारखंड में प्रवेश से पहले लेना होगा ऑनलाइन पास
नई व्यवस्था लागू होने के बाद खनिज से लदे वाहनों को झारखंड की सीमा में प्रवेश करने से पहले ISTP Portal के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांजिट पास प्राप्त करना होगा। इसके लिए वाहन मालिकों को पहले पोर्टल पर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पंजीकरण के बाद उन्हें एक यूनिक लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, किसी दूसरे राज्य की माइनिंग साइट से खनिज का चालान जारी होने के बाद अधिकतम छह घंटे के भीतर ISTP पास जेनरेट करना अनिवार्य होगा। यानी खनिज की ढुलाई शुरू करने से पहले संबंधित दस्तावेज और ट्रांजिट पास की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
समय सीमा पार हुई तो अवैध परिवहन माना जाएगा
प्रस्तावित नियमों में ट्रांजिट पास की समय-सीमा को लेकर भी सख्ती रखी गई है। निर्धारित समय के भीतर पास नहीं बनवाने या बिना वैध पास के वाहन के झारखंड सीमा में पाए जाने पर परिवहन को अवैध माना जाएगा। ऐसे वाहनों को तत्काल जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा ट्रांजिट पास के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। सरकार की योजना में नकद भुगतान या ऑफलाइन फीस जमा करने का विकल्प नहीं रखने की बात कही गई है। फीस का भुगतान नहीं करने वाले वाहनों को सीमा पर ही रोके जाने की व्यवस्था की जाएगी।
जल्द तय होंगी ट्रांजिट पास की दरें
झारखंड सरकार इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए जल्द ही ट्रांजिट पास की आधिकारिक दरें निर्धारित करने की तैयारी में है। इसके बाद ISTP Portal को पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पड़ोसी राज्यों से झारखंड के रास्ते खनिजों की ढुलाई करने वाले वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों को ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे illegal mineral transportation, राजस्व नुकसान और अवैध खनन पर नियंत्रण लगाने में मदद मिल सकती है।
