नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पुनर्गठन किया है। सरकार ने बोर्ड में 18 नए सदस्यों को शामिल किया है, जिनका कार्यकाल तीन साल का होगा। फिल्म प्रमाणन को लेकर लगातार उठते सवालों और विवादों के बीच CBFC के नए स्वरूप को महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
लंबे समय से लंबित था बोर्ड का पुनर्गठन
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, CBFC का पुनर्गठन कुछ समय से लंबित था। पिछली बोर्ड के कुछ सदस्य अब सक्रिय नहीं थे, जबकि कुछ सदस्यों का निधन हो चुका था। सामान्य तौर पर CBFC का पुनर्गठन हर तीन साल में किया जाता है।
हालांकि, पिछली बार बोर्ड का पुनर्गठन 2017 में किया गया था। उस समय बोर्ड में 12 सदस्य शामिल किए गए थे। अब सरकार ने नए गठन के तहत सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 18 कर दी है।
फिल्म सर्टिफिकेशन को लेकर क्यों महत्वपूर्ण है बदलाव?
CBFC फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र देने का काम करता है। फिल्मों में कट, बदलाव और प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर कई बार फिल्म निर्माताओं और दर्शकों की ओर से सवाल उठते रहे हैं।
नए बोर्ड का गठन ऐसे समय में हुआ है, जब फिल्मों की सेंसर प्रक्रिया को लेकर बहस लगातार सामने आती रही है। ऐसे में नए सदस्यों के साथ बोर्ड के कामकाज पर फिल्म उद्योग की नजर रहेगी।
‘Satluj’ का मामला रहा चर्चा में
हाल के चर्चित मामलों में दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘Satluj’ भी शामिल रही है। इस फिल्म का नाम पहले ‘Punjab 95’ था। फिल्म को वर्ष 2022 में CBFC के पास प्रमाणन के लिए भेजा गया था और इसके बाद करीब तीन साल तक यह प्रक्रिया में फंसी रही।
फिल्म के निर्माताओं ने दावा किया था कि CBFC की ओर से फिल्म में 127 कट लगाने को कहा गया था। हालांकि, इन दावों को लेकर संबंधित पक्षों की अलग-अलग राय रही है।
ZEE5 पर रिलीज के बाद फिर हटाई गई फिल्म
लंबी प्रमाणन प्रक्रिया के बाद फिल्म जुलाई में बदले हुए नाम ‘Satluj’ के साथ ZEE5 पर रिलीज हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म को बिना कट के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, भारत में रिलीज के करीब 48 घंटे बाद इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
इस फिल्म का सफर फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया से जुड़ी चुनौतियों को सामने लाता है। कट, बदलाव, प्रमाणन और रिलीज में देरी जैसे मुद्दे किसी फिल्म की रिलीज और दर्शकों तक उसकी पहुंच को प्रभावित कर सकते हैं।
नए CBFC बोर्ड पर रहेगी नजर
18 नए सदस्यों के साथ CBFC के पुनर्गठन के बाद अब बोर्ड के सामने फिल्मों के प्रमाणन से जुड़े कई अहम मामलों पर फैसले लेने की जिम्मेदारी होगी। फिल्म उद्योग के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नया बोर्ड प्रमाणन प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाता है और फिल्मों से जुड़े विवादों पर उसका रुख कैसा रहता है।
