नई दिल्ली. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार को पद्म पुरस्कार देने की बात हो रही है तो उन्हें पश्चिम बंगाल भाजपा को जिताने के लिए भारत रत्न दिया जाना चाहिए। यह टिप्पणी उन्होंने CEC को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच की।
कांग्रेस ने की CEC को हटाने की मांग
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। पार्टी ने Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रोकने और SIR के बाद मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं को फिर से सूची में शामिल करने की मांग भी उठाई। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
TMC बैठक की रिकॉर्डिंग जारी करने पर कर रही विचार
इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी चुनाव आयोग के साथ हुई अपनी बैठकों की ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने पर विचार कर रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ये रिकॉर्डिंग अगले सप्ताह जारी की जा सकती हैं। पार्टी का कहना है कि रिकॉर्डिंग के जरिए यह बताया जाएगा कि SIR को लेकर चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच हुई बैठकों में किस तरह बातचीत हुई।
खड़गे ने भी उठाई CEC को हटाने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। खड़गे ने चुनाव आयोग के प्रमुख पर दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया।
कई राज्यों में प्रदर्शन
CEC को लेकर चल रहे विवाद के बीच विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। मौजूदा विवाद चुनाव आयोग के भीतर कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों से भी जुड़ा है। भारतीय निर्वाचन आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी शामिल हैं।
फिलहाल SIR प्रक्रिया, चुनाव आयोग की भूमिका और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों के बीच राजनीतिक विवाद जारी है। आने वाले दिनों में TMC की ओर से बैठक की रिकॉर्डिंग जारी किए जाने और इस मामले में आगे की राजनीतिक तथा कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
