नई दिल्ली. दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और कथित Vote Chori के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता दोपहर 3 बजे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार के करीब 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
संविधान बचाने की लड़ाई, राहुल गांधी ने लोगों से की अपील
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेता के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान और लोगों के भविष्य से जुड़ी है। उन्होंने INDIA गठबंधन के प्रस्तावित मार्च में सभी लोगों से शामिल होने की अपील की। राहुल ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ा होने के बावजूद संविधान को खतरे में मानता है, तो वह भी इस मार्च में शामिल हो सकता है।
राहुल गांधी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च बाराखंभा जंक्शन से दोपहर 1:30 बजे शुरू होना था, जबकि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दोपहर 3 बजे दाखिल करने की बात कही गई। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे सीधे मार्च में शामिल नहीं हो सकते, तो याचिका दाखिल किए जाने के समय अपना समर्थन व्यक्त करें।
‘आपकी सरकार के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार के लगभग 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उसे सूचनाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री को यह बात बताना चाहते हैं कि सरकार के भीतर से भी अधिकारी उनसे संपर्क कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के कुछ कर्मियों का हवाला देते हुए यह भी दावा किया कि करीब 50 प्रतिशत पुलिसकर्मी उनके विरोध प्रदर्शन को सही मानते हैं। उन्होंने पुलिस, ITBP और CRPF के जवानों तथा आम लोगों को एक तरफ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत कुछ अन्य लोगों को दूसरी तरफ बताया। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप और दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
SIR और कथित वोट चोरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट मार्च
INDIA गठबंधन ने दिल्ली के Connaught Place से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान किया था। इसका उद्देश्य Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर विरोध दर्ज कराना बताया गया है। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
यह मार्च ऐसे समय प्रस्तावित हुआ, जब दिल्ली में जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन को लेकर लगातार सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की, ताकि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल पर एकत्र होने से रोका जा सके।
राहुल गांधी ने पुलिस की तैनाती पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस जितनी अधिक तैनात की जाएगी, सरकार उतनी ही उनके कथित जाल में फंसती जाएगी।
दिल्ली में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर असर
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार देर रात एडवाइजरी जारी कर नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई थी। एडवाइजरी के अनुसार, सोमवार सुबह 6 बजे से जमीनी हालात के आधार पर ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लागू किए जाने थे।
सुप्रीम कोर्ट मार्च, जंतर-मंतर प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजधानी में आवाजाही पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। ऐसे में लोगों को यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने और संबंधित मार्गों पर अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई।
