नई दिल्ली. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने देशभर में यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची (Voter List) में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए। इस अभियान के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव अधिकारियों को सक्रिय किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं की पहचान करना, उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने में मदद करना और चुनावी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
दिल्ली में हजारों अधिकारी अभियान में जुटे
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बड़े स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। यहां 13 जिला निर्वाचन अधिकारी (District Election Officers), 70 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (Electoral Registration Officers), 1,313 बूथ लेवल सुपरवाइजर (BLO Supervisors) और 14,900 से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (Booth Level Officers) इस काम में जुटे हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Delhi) ने जानकारी दी है कि अगला विशेष शिविर 18 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उत्तर प्रदेश के 1.77 लाख से अधिक बूथों पर विशेष शिविर
उत्तर प्रदेश में भी मतदाता सूची को लेकर व्यापक स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के 1 लाख 77 हजार से अधिक मतदान केंद्रों पर इन शिविरों के जरिए पात्र मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी योग्य मतदाता को चुनावी प्रक्रिया से बाहर न रहना पड़े।
सिक्किम में 623 मतदान केंद्रों पर चला विशेष अभियान
सिक्किम में भी निर्वाचन अधिकारियों ने इस दिशा में सक्रिय पहल की है। राज्य के 623 मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान चलाया गया, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट न जाए। निर्वाचन आयोग का यह देशव्यापी प्रयास मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने और नागरिकों को अपने मतदान अधिकार का इस्तेमाल करने में सहायता देने पर केंद्रित है।
