नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रस्तावित ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम को दिल्ली में बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शुक्रवार को होने वाला यह प्रतीकात्मक आयोजन अब शनिवार, 31 अक्टूबर को किया जाएगा। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। विपक्ष को सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय संसद में आकर अपने मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ यह कार्यक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आयोजित करने की योजना बनाई थी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में बारिश के कारण कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भी शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की संभावना जताई गई।
अमित शाह बोले- मैच हारने के बाद अंपायर को दोष देना बंद करें
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग को दोष देने के बजाय संसद में अपने मुद्दे उठाने चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है, ताकि विपक्ष जिन मुद्दों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है, उन पर सदन में चर्चा हो सके। उन्होंने विपक्ष को संसद में आने और अपनी बात रखने की चुनौती दी।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि महाभियोग जैसे विषयों पर चर्चा के लिए संसद ही उचित मंच है। उनके मुताबिक, मॉक संसद जैसे प्रतीकात्मक कार्यक्रमों से मुद्दों का समाधान नहीं निकलेगा। उनके इस बयान को विपक्ष के प्रस्तावित कार्यक्रम पर भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है विपक्ष का ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम?
INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ नाम से एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपने आरोप और आपत्तियां रखेंगे।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़ी अनियमितताओं और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर उसकी चिंताओं का उचित समाधान नहीं किया है। गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, इस कार्यक्रम को संवैधानिक महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। यह विपक्ष की ओर से आयोजित एक प्रतीकात्मक राजनीतिक कार्यक्रम है।
संविधान क्लब और तालकटोरा स्टेडियम में नहीं मिली जगह
विपक्षी दलों ने कार्यक्रम के लिए पहले संविधान क्लब और तालकटोरा स्टेडियम जैसे स्थानों पर आयोजन की संभावना तलाशी थी। हालांकि, वहां कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास को आयोजन स्थल तय किया गया।
इससे पहले गुरुवार को INDIA गठबंधन के नेताओं ने कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक की थी। इसमें कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अब बारिश के कारण कार्यक्रम शनिवार को आयोजित किया जाएगा।
लखनऊ में भाजपा की बैठक, योगी आदित्यनाथ समेत कई नेता मौजूद
लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक के दौरान अमित शाह का विपक्ष को संसद में चर्चा की चुनौती देना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ INDIA गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है, वहीं भाजपा विपक्ष से इन मुद्दों को संसद में उठाने की मांग कर रही है।
शनिवार को मॉक संसद, फिर रामलीला मैदान में रैली
INDIA गठबंधन का प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम अब 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसके अगले दिन, 1 नवंबर को विपक्षी दलों की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली और मार्च आयोजित करने की योजना है।
इस रैली में कथित ‘वोट चोरी’, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। विपक्षी दलों का कहना है कि वे इन सवालों को सार्वजनिक मंच पर उठाकर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग करेंगे।
इस बीच अमित शाह ने विपक्ष को संसद में चर्चा की चुनौती देकर राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है। अब नजरें इस बात पर हैं कि शनिवार के कार्यक्रम में विपक्षी नेता क्या मुद्दे उठाते हैं और सरकार की विशेष सत्र संबंधी पेशकश पर उनकी क्या प्रतिक्रिया रहती है।
