आखिर 7 सालों के बाद शुरू हुई शाट सब्जी मंडी

आखिर 7 सालों के बाद शुरू हुई शाट सब्जी मंडी-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

कुल्लू. करीब सात सालों के लंबे इंतजार के बाद जिला कुल्लू की पार्वती घाटी के किसानों-बागबानों को बड़ा तोहफा मिला है. सियासी दांव-पेंच में उलझी घाटी की शाॅट सब्जी मंडी में कारोबार शुरू हो गया है. यहां पर अब किसानों-बागबानों के उत्पादों की बिक्री आरंभ हो गई है.

लिहाजा, पार्वती घाटी की तकरीबन एक दर्जन पंचायतों के पांच हजार से अधिक किसानों-बागबानों को घर द्वार अपने उत्पादों को बेचने की सुविधा मिली है. उत्पादकों ने कारोबार आरंभ करने के लिए प्रदेश सरकार और मार्केट बोर्ड के प्रयासों को सराहा है तो साथ ही घाटी के उत्पादकों में खुशी का माहौल है.

शाॅट सब्जी मंडी को लेकर सियासी घमासान ने उद्घाटन के करीब 20 महीनों के बाद से यहां पर कारोबार को आरंभ करवाया है. जिला कुल्लू कृषि उपज मंडी विपणन समिति ने करीब दस कमीशन एजेंटों को नीलामी मंच आबंटित करवाए हैं. पिछले कुछ अरसे से यहां पर कारोबार को आरंभ करवाने के लिए एपीएमसी ने विशेष प्रयास किए थे और अब प्रयास रंग लाए हैं. शाट सब्जी मंडी में 1 सप्ताह में टमाटर, प्लम, नाशपाती किसानों-बागबानों ने पहुंचाए हैं तो आने वाले दिनों में पार्वती घाटी का सेब भी इस मंडी में पहुंचने वाला है.

जानकारी के अनुसार यहां पर नाशपाती 20 से 45 रुपए प्रति किलो तक बिकी है, तो टमाटर को भी 35 रुपए प्रति किलो तक के दाम बागवानों को मिले. शाॅट में कारोबार होने के बाद उन किसानों को भी राहत मिली है, जो भुंतर सब्जी मंडी की अव्यवस्था के कारण परेशान हो रहे थे. वहीं आने वाले दिनों में भुंतर सब्जी मंडी का बोझ भी शाट में कारोबार चमकने के बाद कम होने वाला है और यहां भी किसानों को बेहतर दाम मिलने की आस है. यहां कारोबार आरंभ होने का असर अभी से दिखने लगा है और जो उत्पादक भुंतर में उत्पाद ला रहे थे, वे दो दिन से शाट में जा रहे हैं. सब्जी मंडी में किसानों के उत्पादों के लिए खरीददार जुटाने को कमीशन एजेंट के साथ एपीएमसी भी प्रयासों में जुटी हुई है.

बताया जा रहा है कि बाहरी राज्यों के कुछ कारोबारी भी यहां पहुंचे हैं. स्थानीय उत्पादकों ने यहां कारोबार होने पर खुशी जताते हुए कहा है कि अब भुंतर और अन्य मंडियों में जाने की नौबत नहीं आएगी. बहरहाल, लंबे इंतजार के बाद शाट मंडी में कारोबार आरंभ हो गया है.