स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कर्मचारियों-पेंशनरों को दिया बड़ा तोहफा

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साभार : ऑफिसियल फेसबुक जय राम ठाकुर
शिमला. हिमाचल प्रदेश में 73वां स्वतंत्रता दिवस गुरुवार को हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राजधानी शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए तिरंगा फहराया. यहां के ऐतिहासिक रिज मैदान से संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्मचरियों-पेंशनरों, स्कूली विद्यार्थियों और बेटियों को बड़ा तोहफा दिया है.
उन्होंने राज्य के स्थायी कर्मचारियों व पेंशनरों को 4 प्रतिशत मंहगाई भत्ता देने का ऐलान किया. इससे सरकार के खजाने पर प्रति वर्ष 260 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा. जय राम ठाकुर ने घोषणा करते हुए कहा कि 9वीं व 10वीं कक्षा के सरकारी स्कूलों के सभी विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें प्रदान की जाएंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के 65 हज़ार विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें बांटी जाएंगी. प्रत्येक विद्यार्थी को दी जाने वाली किताबों पर 1500 रुपए का खर्चा आएगा और इसे सरकार स्वयं वहन करेगी.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेटियों के लिए भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राज्य लोकसेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की परीक्षाओं में अब बेटियों को शुल्क नहीं देना पड़ेगा. बेटियां आयोग की भर्ती परीक्षाओं में निशुल्क आवेदन कर सकेंगीं. मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिको की विधवाओं (60 साल से अधिक), जिन्हें वृद्धा पेंशन के अतिरिक्त कोई पेंशन नहीं मिल रही है, को दी जाने वाली वितीय मदद को 10 हजार से बढ़कर 20 हज़ार सालाना करने का एलान किया. उन्होंने द्धितीय विश्व युद्ध व स्वतंत्रता सेनानियों की विधवाओं की वितीय मदद को 3 हज़ार से बढ़ाकर 10 हज़ार मासिक करने की भी घोषणा की.
जय राम ठाकुर ने अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर व पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है. प्रदेश सरकार राज्य के विकास के लिए सतत् प्रयत्नशील है. वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल में केंद्र सरकार से 8 हजार  करोड़ रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत करवाने में सफल हुई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कि ओर से ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन उम्र 80 से घटाकर 70 वर्ष की, जिसके तहत प्रदेश में एक लाख 30 हजार नये लोगों को पेंशन सुविधा प्राप्त हुई है.