सीएम जय राम ठाकुर ने पेपरलेस बजट पेश कर बनाया कीर्तिमान

मिशन रिपीट के लिए सरकार व संगठन के बीच बेहतर ताल-मेल जरूरी : जय राम ठाकुर -Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बतौर वित्त मंत्री शुक्रवार को वितीय वर्ष 2020-21 का बजट विधानसभा में पेश किया. अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री ने पुरानी परंपराएं तोड़ते हुए पहली बार पेपरलैस बजट एक लैपटाॅप के द्वारा पेश कर कीर्तिमान स्थापित किया है. ऐसा करने वाले वह राज्य के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं.

हिमाचल विधानसभा ई-विधान लागू करने वाली देश की पहली विधानसभा है, जहां हर काम कागज रहित होता है. मुख्यमंत्री ने सुबह 11 बजे लैपटाॅप से बजट भाषण पढ़ना शुरू किया. बजट में शिक्षा व कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया है. साथ ही कई नई योजनाओं की भी घोषणा हुई है. बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 8016 करोड़ का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कंपयूटर शिक्षकों के मानदेय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. वहीं दसवीं कक्षा के टापर्स 100 विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए एक-एक लाख रूपये देने की भी बजट में घोषणा हुई है. क्लस्टर विवि मंडी में आसपास के काॅलेजों को शामिल किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने बजट में नौ महाविद्यालयों को उत्कृश्ट महाविद्यालय बनाने का भी एलान किया. इसके लिए नौ करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. मुख्यमंत्री ने 60 साल से अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को मुफत आयुर्वेदिक दवाइयां देने की भी घोषणा की है. भूमिहीन व आवास रहित परिवारों की आय सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने आशा वर्कर, राजस्व विभाग के अंशकालिक कर्मचारियों व नंबरदारों का मासिक मानदेय 500 रुपये बढ़ाने की भी घोषणा की है. बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि तंबाकू सेवन मुक्त होने वाली पंचायतों को सरकार पांच लाख अनुदान दिया जाएगा.

इसके अतिरिक्त बीस हजार क्रियाशील पदों को भरने की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की. अनुबंध कर्मचारियों की ग्रैड पे को 125 फीसदी से बढ़ाकर 150 किया गया है. दिहाड़ी मजदूरी में 25 रुपये की बृद्धि की है. साथ ही आईटी के शिक्षकों के वेतन में 10 फीसदी की बृद्धि की है. राज्य में कार्यरत जलवाहक अब दस के स्थान पर पांच सालों में नियमित होंगे. मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए छटे वित्त राज्य आयोग के गठन की घोषणा की है.