कोरोना वायरस : शिमला और मनाली का पर्यटन व्यवसाय हुआ प्रभावित

कोरोना वायरस : शिमला और मनाली की पर्यटन व्यवसाय हुआ प्रभावित-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोराना वायरस का अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है. लेकिन यहां के पर्यटन व्यवसाय  पर इसका खासा असर देखा जा रहा है. पर्यटकों से गुलजार रहने वाले विख्यात पर्यटन स्थलों शिमला और मनाली कोरोना वायरस के खौफ से सन्नाटे में है.

आलम यह है कि कोरोना वायरस के भय से सैलानी अपनी अग्रिम बुकिंग भी रद्द करवा रहे हैं. दोनों पर्यटन स्थलों के अधिकांश होटल इस समय खाली नजर आ रहे हैं.  राजधानी शिमला में पिछले एक हफ्ते से पर्यटकों की आमद में भारी गिरावट आ गई है.

चैंकाने वाली बात यह रही कि बर्फबारी का दीदार करने के लिए भी पर्यटक शिमला में नहीं जुट रहे हैं. इस वीक एंड पर शिमला में ताजा हिमपात हुआ, लेकिन यहां के अधिकतर होटल खाली रहे.सैलानियों की बेरूखी ने राज्य पर्यटन विकास निगम व पर्यटन कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है. 

शिमला और मनाली के लिए मार्च से लेकर जून तक का समय बेहद खास रहता है. इन दिनों देशी-विदेशी सैलानी सुकून की तलाश में इन पर्यटन स्थलों की वादियों में पहुंचते हैं.इस बार भी पर्यटकों ने होटलों में एडवांस बुकिंग करा रखी थी.लेकिन मार्च माह के पहले सप्ताह में ही यहां पर्यटकों की तादाद घटनी शुरू हो गई. 

पर्यटन कारोबारियों के मुताबिक कोरोना वायरस के डर से दोनों विख्यात स्थलो में 50 फीसद पर्यटकों ने अपनी एडवांस बुकिंग ही कैंसिल करा दी. हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की महाप्रबंधक पूनम भारद्वाज ने बताया कि कोरोना विषाणु की वजह से पर्यटन गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। हमारे अधिकतर होटल इस समय खाली पड़े हैं. शिमला व मनाली में अपै्रल माह से पर्यटन सीजन का आगाज होता है, इसे लेकर काफी बुकिंग एडवांस में रहती है, लेकिन गत वर्ष की तुलना में इस बार मार्च व अपै्रल माह में 50 फीसदी बुकिंग घट गई है. 

शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद का कहना है कि कोरोना के कारण पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है तथा मार्च व अप्रैल माह की करीब 50 फीसदी बुकिंग रद्द हो गई है.नई बुकिंग गिनी चुनी ही हो रही है. 

होटल रिनेस्ट रिवर कंट्री रिजोर्ट मनाली के मैनेजर रूपेश गौतम के मुताबिक कोरोना वायरस के चलते मनाली में पर्यटन कारोबार मंदा पड़ गया है. गिने-चुने पर्यटक ही यहां का रूख कर रहे हैं. मार्च में होटलों की ओक्यूपेंसी घटकर 25 फीसदी पहुंच गई है.