पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कोरोना को लेकर सरकार को दिए कई सुझाव

चंडीगढ़ से सिरमौर पहुंचे सभी 176 लोगों के भेजे जा रहे हैं सैंपल-Panchayat Times
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह

शिमला. पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने कोरोना संकट से निपटने के लिए केंद्र व राज्य सरकार को दीर्घकालीन योजना बनाने की सलाह दी है. वयोवृद्ध कांग्रेस नेता ने सोमवार को शिमला में कहा कि कोरोना महामारी का असर देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरे ढंग से पड़ा है. आने वाला समय और भी गंभीर चुनौती का हो सकता हैं. ऐसे में केंद्र व राज्य सरकार को अभी से कोई ऐसी दीर्घकालीन कार्य योजना पर विचार व कार्य योजना शुरू कर देना चाहिए, जिससे आमजन के जीवन यापन में कोई बड़ी समस्या पैदा न हो.

वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के लोगों की समस्या की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि टूरिज्म से जुड़ा व्यवसाय होटल कारोबारियों के साथ-साथ अन्य छोटे दुकानदारों का जिन्होंने बैंकों से लोन आदि ले रखें है. उनका इस समय का बैंक ब्याज माफ़ किया जाना चाहिए. 
उन्होंने कहा कि साथ ही इन लोगों को बिजली, पानी व अन्य टेक्स में भी छूट दी जानी चाहिए, क्योंकि इन्हें व्यवसायिक दर पर इसका मूल्य चुकाना पड़ता है.

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों, बागवानों को भी पूरी राहत दी जानी चाहिए।प्रदेश में मुख्य व्यवसाय बागवानी व खेतीबाड़ी ही है. लॉक डाऊन की वजह से किसान और न ही बागवान अपनी फसल की देख-रेख कर सकें है. किसानों बागवानों को भी कोई विशेष आर्थिक पैकज दिया जाना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाऊन की वजह से सबसे ज्यादा कामगार श्रमिकों के दैनिक जीवन पर असर पड़ा है. उन्होंने प्रदेश सरकार से कहा है कि पीडीएस की व्यवस्था को सही ढंग से लागू कर गरीब लोगों को सस्ता राशन  वितरित किया जाए। उन्होंने कहा है कि सब्जी उत्पादकों को विशेष सुविधा देते हुए इनकी सब्जियों को समय पर बाजार तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की जानी चाहिए.

वीरभद्र सिंह ने सासंदो के एक साल तक वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती के केंद्र के निर्णय को उचित ठहराते हुए सासंद निधि को जारी रखने का सुझाव देते हुए कहा कि सासंद निधि के बंद होने से सासंदो के अपने क्षेत्र में जारी विकास कार्य प्रभावित हो सकते है