मोरहाबादी मैदान में मकर संक्रांति से पहले टुसू मेले का आयो‍जन

मोरहाबादी मैदान में मकर संक्रांति से पहले टुसू मेले का आयो‍जन-Panchayat Times

रांची. मकर संक्रांति की रौनक पूरे देश में देखने को मिलता है. इस दौरान बिहार में दही-चुड़ा, पंजाब में लोहड़ी तो दक्षिण भारत में लोहड़ी की धूम होती है. वहीं मकर संक्रांति में कुर्मी और आदिवासी समुदाय के बीच टुसू पर्व का उल्‍लास कई दिनों तक रहता है. ऐसे में रांची के मोरहाबादी मैदान में मकर संक्रांति के पहले ही टुसू मेला का आयो‍जन किया गया.

वैसे तो टुसू पर्व पंचरगना क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में ज्‍यादातर मनाया जाता है. लेकिन जब रांची के मोराबदी मैदान में टुसू मेले का आयोजन किया गया तो लोगों में उत्‍साह देखने लायक रहा. उंची गगनचुंबी टुसू के चौडल आकर्षण का केंद्र बना हुआ था. हर कोई अपनी मोबाईल से इसकी तस्‍वीर को कैद करने की कोशिश में देखे गये.

इस मेले में गांव के मेले के तर्ज पर गाना-बजाना और नाच को प्रदर्शित किया गया. मौके पर मौजूद राजा राम महतो ने टुसू मेला के बारे में बताया.

संक्राति के अवसर पर मनाये जाने वाले इस त्यौहार के दिन पूरे कूड़मी,आदिवासी समुदाय द्वारा अपने नाच-गानों एवं मकरसंक्रांति पर सुबह नदी में स्नान कर उगते सूरज की अर्ग/प्रार्थना करके टुसू(लक्ष्मी/सरस्वती) की पूजा की जाती है और नये साल की समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है. इस प्रकार यह आस्था का पर्व श्रद्धा,भक्ति और आनंद से परिपूर्ण कर देती हैं.