जैन धर्म भारत के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है : रघुवर दास

जैन धर्म भारत का सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है : रघुवर दास-Panchayat Times
जैन धर्म भारत का सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है : रघुवर दास

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जैन धर्म भारत के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है और अहिंसा जैन धर्म का मूल सिद्धांत है. दास ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में शुक्रवार को आयोजित जैन धर्मावलंबी दीक्षार्थियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महावीर द्वारा दी गई शिक्षा हमें यह सीखाती है कि मानव कल्याण ही सबसे बड़ा धर्म है.  प्रारंभ से ही जैन अनुयायियों का झारखंड से जुड़ाव रहा है. पारसनाथ जैन समुदाय का महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है. पारसनाथ को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है.

पारसनाथ झारखंड का गौरवशाली धरोहर है. पारसनाथ अध्यात्म की भूमि रही है. विश्व के मानचित्र में पारसनाथ एक महत्वपूर्ण जैन समुदाय का तीर्थ स्थल के रुप में विकसित हो यह हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए. पारसनाथ के गौरव को बढ़ाने में जैन धर्मावलंबी एवं दीक्षार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

दास ने कहा कि पारसनाथ के ऋजुवतिका में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ है. मंदिर निर्माण कार्य शुरू होने से यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है. इस क्षेत्र में उच्चस्तरीय हॉस्पिटल का भी निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है. लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. आवागमन की सुविधा सुलभ हो इसके लिए कार्य किए जा रहे हैं. वर्ष 2019 में देवघर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगा.

देवघर में एयरपोर्ट के निर्माण होने से देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से पारसनाथ आने वाले लोगों को सुविधा होगी.
श्री ऋजुवतिका तीर्थ समिति की ओर से परेश सेठ (नंदप्रभा परिवार) जिला गिरिडीह ने मुख्यमंत्री दास को आमंत्रित करते हुए कहा कि आपके झारखंड राज्य की भूमि श्री ऋजुवतिका नदी जो जैनों के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की केवल ज्ञान भूमि है.

जिन पर करीब 50 एकड़ भूमि के परिसर में वर्धमान (महावीर) स्वामी का भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है. इस पवित्र भूमि की स्पर्शना के लिए 27 जनवरी 2019 को परम पूज्य आचार्य नयवर्धन सुरीश्वर जी महाराजा आदि साधु साध्वीगण एवं उनके सानिध्य में श्रद्धालु का छरी पालित संघ द्वारा पैदल यात्रा करने का आयोजन आहूत की गई है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति सभी श्रद्धालुओं को निश्चित रुप से आनंदित करेगी.

आप पूरे झारखंड के सभी लोगों के ओर से अवश्य पधारें और आपके शुभेच्छा के वचनों से यात्रा प्रारंभ का धार्मिक झंडा दिखाएं.

इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं उनकी धर्मपत्नी रुकमणी देवी ने सभी जैन धर्मावलंबी दीक्षार्थियों को नारियल एवं साल देकर सम्मानित किया. साथ ही अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नव राष्ट्र के निर्माण में आप सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. इस अवसर पर एक साथ दीक्षा प्राप्त करने वाले 45 महिला एवं पुरुष जैन धर्मावलंबी सहित अन्य उपस्थित थे.