नई दिल्ली. केंद्र सरकार की SVAMITVA योजना के तहत देश के ग्रामीण इलाकों में संपत्ति का सटीक और डिजिटल रिकॉर्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इस योजना के तहत कुल 3.44 लाख गांवों को कवर किया जाना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
अब तक 3.28 लाख गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है,यह कुल लक्ष्य का लगभग 95% है।
मार्च 2026 तक सभी गांवों को कवर करने का लक्ष्य
पंचायती राज मंत्रालय ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि सभी लक्षित गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा किया जाए गांवों के लोगों को संपत्ति कार्ड (Property Cards) उपलब्ध कराए जाएं
लक्ष्य समयसीमा: मार्च 2026
जमीन राज्य का विषय: कानूनी मामलों में केंद्र की भूमिका नहीं
संविधान के सातवीं अनुसूची के अनुसार भूमि राज्य विषय है।
इसलिए SVAMITVA योजना से जुड़े कानूनी प्रावधान संबंधित राज्यों के कानूनों और नियमों के तहत लागू किए जाते हैं।
इसी वजह से केंद्र सरकार का राज्यों में कानूनी विवाद सुलझाने में कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता जिसमें राजस्थान भी शामिल है।
अब संपत्ति कार्ड पर मिलेगा बैंक लोन
SVAMITVA योजना के तहत बनाए गए प्रॉपर्टी कार्ड अब बैंक लोन के लिए स्वीकार किए जा रहे हैं।
इस दिशा में:
पंचायती राज मंत्रालय
वित्तीय सेवा विभाग
राज्य राजस्व विभाग
मिलकर एक प्रणाली विकसित कर रहे हैं, ताकि संपत्ति कार्ड को औपचारिक दस्तावेज के रूप में मान्यता मिल सके।
कुछ राज्यों में बैंकों ने इन कार्डों पर लोन देना भी शुरू कर दिया है।
इसके लिए State Level Bankers Committee सक्रिय रूप से समन्वय कर रही है।
विवाद समाधान की जिम्मेदारी राज्यों पर
जहाँ संपत्ति कार्ड जारी होने के बाद किसी प्रकार के स्वामित्व विवाद उत्पन्न होते हैं, वहांसंबंधित राज्यों के कानून और प्रक्रियाएँ लागू होंगी
केंद्र सरकार की इसमें भूमिका नहीं होगी
राज्यों ने इसके लिए पोस्ट-कार्ड डिस्प्यूट रेजॉल्यूशन व्यवस्था बनाई है।
आधिकारिक पुष्टि
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने 03 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में लिखित उत्तर के रूप में दी।
