‘जयराम सरकार हमारे पैसे दिलवाओ, नहीं तो 2019 में चुनाव का बहिष्कार’

जोगिंद्रनगर क्षेत्र के लोगों ने पर्ल पीएसीएल निजि कम्पनी में फंसे - Panchayat Times
जोगिंद्रनगर क्षेत्र से पर्ल कम्पनी में अपने पैसे गवां चुके निवेशक बैठक करते हुए

जोगिंद्रनगर (मंडी). जोगिंद्रनगर क्षेत्र के लोगों ने पर्ल पीएसीएल निजी कम्पनी में फंसे अपने पैसों को निकालने के लिए शनिवार को ऑल इंवैस्टर सेफ्टी ऑर्गेनाईजेशन खंड जोगिंद्रनगर के अध्यक्ष बीरवल ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन कर नई रणनिति तैयार की. उन्होंने सरकार से भी आग्रह किया है कि वे निवेशकों के पैसे दिलवाने में उनकी सहायता करें नहीं तो साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का सभी बहिष्कार करेंगे. जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

बताया गया है कि पर्ल निजी कम्पनी वर्ष 1983 में शुरू हुई. इस कंपनी ने कई निवेशकों से हजारों करोड़ रुपए जमा करवाए, जिसके बदले कम्पनी निवेशकों को भूखंड भूमी देने वाली थी. जबकि, कम्पनी अपने निवेशकों को कुछ पैसा देती रही और निवेशक भी खुश थे. 2014 में सीबीआई ने कम्पनी को प्रतिबंधित कर दिया और तीन माह में निवेशकों को पैसा लौटाने का आदेश दिया. इस दौरान ऑल इंवैस्टर सेफटी आर्गेनाईजेशन एआईएसओ संगठित हो कर उच्चतम न्यायालय गई. जिसके तहत माननीय न्यायालय ने 2 फरवरी 2016 में अपना अहम फैसला सुनाते हुए सभी निवेशकों के पैसे छह माह में वापिस करने का फैसला सुनाया. लेकिन, खेद है कि माननीय उच्च न्ययालय के आदेश के बावजूद भी आज तक निवेशकों को एक रुपए भी नहीं मिले.

ये भी पढ़ें- यहां 10 साल से पेड़ को राखी बांध रही कल्पना, ये है इसके पीछे का राज

बैठक में राज्य के उपाध्यक्ष बुद्धीसिंह, राज्य कोषाध्यक्ष सोबर दत्त ने कहा कि संगठन ने तय किया है कि पहले भुगतान फिर मतदान को अपनाते हुए यह निर्णय लिया है कि हम सरकार से शीघ्र भुगतान की मांग करते हैं. उन्होंने कहा कि यदि सरकार निवेशकों के भुगतान में देरी करती है तो साल 2019 में होने वाले चुनावों का सभी बहिषकार करेंगे. बैठक में हेमाकली, उमामती, दर्शना, रतेादेवी, रूपलाल, सुखराम, बुद्धि सिंह, हंसराज, नरोत्तम डोगरा, हेतसिंह, छांगाराम सहित अन्य लोग उपस्थित थे.