‘कुरमी हित के लिए नया राजनीतिक विकल्प देना जरूरी’

कुरमी हित के लिए नया राजनीतिक विकल्प देना जरूरी - ओहदार-Panchayat Times

रांची. रविवार को कुरमी/कुडमी विकास मोर्चा का राज्यस्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन सिलेब्रेशन हाल, राची में सम्पन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने किया जबकि संचालन केन्द्रीय कोषाध्यक्ष सखीचन्द महतो ने किया.

सम्मेलन में कुरमी/कुडमी(महतो) को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने, समाज की भाषा संस्कृति और राज्य की वर्तमान राजनीतिक गतिविधियो के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव की विशेष चर्चा कि गयी. मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि कुरमी समाज विगत् कई वर्षो से कुरमी/कुङमी(महतो) जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची मे शामिल करने की माग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन, रैली,सम्मेलन तथा बैठक के माध्यम से सरकार से मांग करते रही है, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण आज तक यह मांग पूरा नही हुआ, आजतक केन्द्र व राज्य मे जिसकी भी सरकार बनी सभी ने ठगने का काम किया, जितने भी राजनीतिक दल है सभी कुरमी जाति को केवल वोट बैंक बनाकर ही रखना चाहती है इसलिए समाज हित मे नया राजनीतिक विकल्प देना जरूरी हो गया है.

केन्द्रीय सचिव रामपोदो महतो ने कहा कि समाज को एक सूत्र मे बाधकर गरीबी, अशिक्षा व कुरीतियो को खत्म करने मे योगदान दे तथा बिनोद बिहारी महतो, शहीद निर्मल महतो के आदर्श और विचारो को अपनाकर समाज मे नई क्राति लाए.

केन्द्रीय मीङिया प्रभारी ओमप्रकाश महतो ने कहा कि कुरमी समाज को अपना संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए युवाओ को आगे आना जरूरी है तभी अधिकार मिलेगा.

केन्द्रीय सदस्य श्रीनाथ ने कहा कि कुरमी  समाज के आदि- संस्कृति और महतो सामाजिक व्यवस्था को मान्यता देते हुए पुनः बहाल करने की जरूरत है. बैठक में राजेन्द्र महतो,रचिया महतो, राजकुमार महतो,सुषमा देवी,अजय महतो, बीरेन्द्र महतो, रावंती देवी, लालो देवी,हरिप्रसाद महतो,पंकज महतो  भीम महतो, महतो आदि लोग उपस्थित थे.