नामांकन की तारीख बदलने पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज

नामांकन की तारीख बदलने पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हुई तेज-Panchayat Times
फाइल फोटो

फरीदाबाद. फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर 22 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगे. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा सहित जिले के अन्य कांग्रेसी नेता उपस्थित रहेंगे. यह जानकारी शुक्रवार को देते हुए नागर ने बताया कि उनके द्वारा नामांकन की तारीख बदले जाने को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही है, जो पूरी तरह से आधारहीन है.

उन्होंने कहा कि पंडितों के मुहूर्त के चलते उन्होंने नामांकन की तिथि बदली है, जिसे विपक्षी दल अन्य रूप देने में लगे है. कांग्रेस पार्टी ने उन्हें लोकसभा रण में उतारा है तो वह पार्टी के विश्वास पर पूरी तरह से कायम रखेंगे. वहीं उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता 22 अप्रैल को उनके नामांकन में शामिल होंगे. मजबूती से कांग्रेस को विजयी बनाने का काम करेंगे. नागर ने कहा कि उन्होंने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है और गांवों में लोग उन्हें पूरा समर्थन दे रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद से लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा चला था. जिले में हर टिकटार्थी के समर्थन अपने नेता को टिकट मिलना दिखाते हुए सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार में जुट गए है. विधायक ललित नागर टिकट लाने में कामयाब रहे. टिकट लाने के बाद नागर ने पहले नामांकन के लिए 19 अप्रैल की तिथि निश्चित की थी. लेकिन एकाएक नामांकन की तिथि 22 अप्रैल किए जाने से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था.

विधानसभा के दावेदार अभी नहीं उतरे समर्थन में

कांग्रेस हाईकमान कि ओर से विधायक ललित नागर को लोकसभा उम्मीदवार बनाए जाने की बात को अभी विधानसभा के दावेदार हजम नहीं कर पा रहे है, ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि यह उम्मीदवार ही लोकसभा की टिकट मांगने की सूची में थे. अब जब हाईकमान ने अंतिम फैसला ले लिया है, बावजूद कांग्रेस को समर्थन करने के लिए कांग्रेस नेता अपनी ढपली अपना राग अलाप रहे हैं.

पूर्वमंत्री महेंद्र प्रताप के पुत्र विजय प्रताप ने जहां सार्वजनिक तौर पर हाईकमान को चेतावनी दे दी है कि पहले वो उन्हें टिकट न देने का कारण बताएं, तभी वह कांग्रेस प्रत्याशी से मंच सांझा करेंगे वहीं उनके पिता पूर्वमंत्री महेंद्र प्रताप ने गुरुवार को दिए अपने एक बयान में स्पष्ट कर दिया कि वह कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस प्रत्याशी नागर के साथ है और वह जल्द ही अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी बैठक करके चुनावी रणनीति तय करेंगे. पिता-पुत्र के अलग-अलग बयानों पर सत्तापक्ष के लोग जमकर चटकारे ले रहे हैं.

21 अप्रैल को विधायक करण दलाल तय करेंगे रणनीति

पलवल के विधायक करण दलाल का नाम भी लोकसभा उम्मीदवार की सूची में शामिल था और वह भी इस क्षेत्र से प्रबल उम्मीदवार माने जा रहे थे. जाट समुदाय से तीन टिकटें दिए जाने के चलते फरीदाबाद से उनकी दावेदारी कमजोर हो गई थी. हालांकि अभी तक उन्होंने भी अपने राजनीतिक पत्ते नहीं खोले है और 21 अप्रैल को उन्होंने पलवल में अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक विशाल मीटिंग बुलाई है, जिसके बाद वह आगामी रणनीति तय करेंगे. वहीं राजनीतिक गलियारों में यह भी माना जा रहा है कि करण दलाल की टिकट करने का एक मुख्य कारण यह भी है कि जब फरीदाबाद में कांग्रेस की परिवर्तन बस यात्रा आई थी तो बस यात्रा के लेट होने के चलते विधायक करण दलाल ने स्वागत समारोह रद्द कर दिया था, जिससे कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता दलाल की इस हरकत से नाराज हो गए थे.

अवतार की चुप्पी बन सकती है बड़ी राजनीतिक बदलाव की आशंका

पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना कांग्रेस से टिकट न मिलने के बाद अभी तक अपनी राजनीतिक रणनीति तय नहीं कर पाए है. हालांकि अभी तक उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का भी कोई ऐलान नहीं किया है. उनकी चुप्पी किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की आशंका दे रही है. वहीं उनके बड़े भाई और पूर्वमंत्री करतार भड़ाना में फरीदाबाद से टिकट को लेकर रस्साकशी चल रही थी.

जब अवतार भड़ाना को ही कांग्रेस का टिकट नहीं मिला तो करतार भड़ाना ने भी फरीदाबाद की बजाए मध्यप्रदेश की मुरैना लोकसभा सीट से बसपा की टिकट लेकर वहां चुनावी ताल ठोक दी है. हालांकि उनके पुत्र मनमोहन भड़ाना अभी कांग्रेस में ही है और कयास लगाए जा रहे है कि वह बसपा की टिकट के जुगाड़ में लग रहे है परंतु बसपा ने यहां से मनधीर मान को बतौर उम्मीदवार घोषित कर दिया है.