मंडी में सेब और नाशपाती की फसल पर कीटों का हमला, बागवान हुए चिंतित

मंडी जिला में सेब और नाशपाती की फसल पर कीटों का हमला, बागवान हुए चिंतित-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

मंडी. मंडी जिला की सेब बैल्ट कहलाने वाले बालीचौकी क्षेत्र में सेब के पौधों पर कीटों ने हमला कर दिया है. वहीं नाशपाति की फसल भी कीटों के हमले से प्रभावित हो रही है. जिससे सैंकड़ों बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई है.

हालांकि, बागवानी विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी कर दी है. जिसमें कहा गया है कि बागवान सेब के पौधों की फसल को कीट पंतगों से बचाने के लिए और सेब की बेहतर गुणवत्ता के लिए दवा का छिड़काव समय रहते करें, अन्यथा नुकसान झेलना पड़ सकता है.

गर्मी के मौसम में अधिक तापमान की वजह से कीट पतंगो के पनपने की अधिक संभावना रहती है. जिससे निजात पाने के लिए उद्यान विभाग ने बागवानों को सलाह दी है कि वह मौसम को देखते हुए बगीचों में दवा का छिड़काव करें. इससें कीट पतंगों और बीमारियों पर पूर्णत नियंत्रण रहेगा.

घाटी में इस साल सेब और नाशपाती की फसल बहुत अच्छी है. लेकिन कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि व अंधड के कारण फसलों को नुक्सान हुआ है. जून के महीने में कीट पतंगों के सक्रिय होने की अधिक संभावना रहती है. बागवान विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार बगीचों में दवा का छिड़काव करें. सराज के थाची, पंजाई, देवधार, माणी, सुधराणी, गाड़ागुशैणी, खौली, तांदी, भुराह, बशुंघी, सोमगाड़, थाटा के अलावा करसोग और बरोट आदि के क्षेत्र सबसे काफी प्रभावित हैं.

बागवानों में सुरेश, पुनीत, डेर सिंह, केहर दास, तारा चंद, शाऊणु राम, शेर सिंह, खेम सिंह सहित अन्य बागवानों का कहना है कि घाटी में इस साल सेब और नाशपाती की फसल बहुत अच्छी है. लेकिन कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि व अंधड़ व अंधड़ के कारण फसलों को नुकसान हुआ है. वहीं अब कीटों के हमले से बागवान परेशान हैं. सेब के साथ-साथ नाशपाति की पैदावार भी प्रभावित हो रही है.

बागवानी विभाग के उप निदेशक एपी कपूर का कहना है कि जून माह में कीट व रोग की रोकथाम जरूरी है. कई क्षेत्रों में कीटों के हमले की सूचना है. बागवानों को चाहिए कि साइपरमैथरीन 25 से 80 मिली लीटर, बैटिनाश 70 ग्राम, प्रोपीनेव 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. जिससे कीट और रोग से निजात मिलेगी.