झारखंडरः पंचायत समिति सदस्यों की हड़ताल जारी, 10 अगस्त से आमरण अनशन

खूंटी जिले के पंचायत सचिव हड़ताल पर-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

रांची. राज्य सरकार पर तवज्जो नहीं देने के आरोप में शुरू झारखंड के पंचायत समिति के सदस्यों की बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी है. हड़ताल के पहले दिन सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में पंचायत समिति सदस्यों ने राजभवन पर धरना दिया था. आज दूसरे दिन भी सुबह 10 बजे से धरना पर बैठे हैं.

सदस्यों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर नौ अगस्त तक उनकी सात सूत्री मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो 10 अगस्त से आमरण अनशन के लिए मजबूर होंगे. सरकार की कार्यशैली से नाराज सदस्यों ने एक दिन पहले सोमवार से बेमियादी हड़ताल शुरू की है.

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पंचायत समिति महासंघ के वक्ताओं ने कहा कि निर्वाचन की एक ही प्रक्रिया के तहत पंचायत प्रतिनिधि से लेकर विधायक, सांसद आदि का चुनाव होता है लेकिन क्षेत्रों के विकास के नाम पर विधायकों और सांसदों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया जाता है, पर पंचायत प्रतिनिधियों को नजरअंदाज करते हुए विकास योजनाओं का कार्य ग्राम विकास समिति और आदिवासी विकास समिति के माध्यम से कराया जा रहा है. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण के कार्यकाल के साढ़े तीन वर्ष बीत चुके हैं, इसके बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों को अबतक संविधान प्रदत्त अधिकार नहीं मिले हैं.

ये हैं प्रमुख मांगें

समिति की मुख्य मांगों में तीन वर्षों से अवरुद्ध विकास निधि की राशि उपलब्ध कराने, मनरेगा अधिनियम के तहत 60 फीसदी योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायत समिति के माध्यम से कराए जाने, पंचायत समिति सदस्य, उप प्रमुख और प्रमुख को सम्मानजनक मानदेय और  यात्रा भत्ता, क्षेत्र भ्रमण के लिए प्रमुख और उप प्रमुख को वाहन उपलब्ध कराना आदि शामिल हैं.