राज्य के लगभग 42 हजार किसान सरकार को धान बेचकर हुए परेशान

राज्य के लगभग 42 हजार किसान सरकार को धान बेचकर हुए परेशान-Panchayat Times

रांची. राज्य के लगभग 42 हजार किसान सरकार को धान बेचकर परेशान हैं. सरकार उन्हें भुगतान नहीं कर रही है. किसानों को धान बिक्री के 144 करोड़ रुपए का भुगतान दो महीने से लंबित है. स्थिति यह है कि झारखंड स्टेट फूड कॉरपोरेशन (जेएसएफसी) और जिला आपूर्ति कार्यालय का रोज चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन यह बताने वाला कोई नहीं है कि भुगतान कब होगा.

धान अधिप्राप्ति की नियमावली के अनुसार, किसानों से धान खरीदने के बाद एक सप्ताह में भुगतान का प्रावधान है. धान का आंकड़ा जेएसएफसी के पास पहुंचते ही वहां से जिला प्रबंधकों को सूचना भेजी जाती है. जिला प्रबंधक किसानों के खाते में राशि आनलाइन ट्रांसफर कर देते हैं, पर इसका पालन नहीं हुआ.

अब तक 72200 मीट्रिक टन धान सरकार ने खरीदा

राज्य में चुनाव और सरकार बनने की प्रक्रिया के कारण एक जनवरी 2020 से खरीदारी शुरू हुई. उसके बाद से अब तक राज्य के 21 जिलों में जेएसएफसी ने 72200 मीट्रिक टन धान खरीदा है. दो हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से कीमत जोड़ी जाए तो लगभग 144 करोड़ रुपए होते हैं.

एमडी पद रिक्त, स्वीकृति देने के लिए कोई नहीं

जेएसएफसी एमडी का पद एक फरवरी से रिक्त है. तात्कालिक व्यवस्था के रूप में अतिरिक्त प्रभार खाद्य आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव देना चाहिए था, पर सरकार ने इस दिशा में पहल नहीं की है.

माध्यमPT DESK
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