फर्जी डिग्री मामले में संलिप्त आरोपियों को नहीं बख्शा जाएगा: सीएम

जयराम ठाकुर सरकार के एक मंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सियासी हलचल तेज- Panchayat Times

शिमला. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा है कि फर्जी डिग्री मामले में संलिप्त विश्वविद्यालयों और इस घोटाले से जुडे़ लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों से प्रदेश की छवि को नुकसान नहीं होने देंगे. मुख्यमंत्री बुधवार को फर्जी डिग्री मामले में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में एक विशेष व्यक्तव्य दे रहे थे. सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है और भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्जी डिग्री मामले में सोलन जिला में तीन और ऊना जिला में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में एक मामला दर्ज किया गया है. सोलन धर्मपुर थाना में हरियाणा के चरखा दादरी की ममता की शिकायत पर मानव भारती विवि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

फर्जी डिग्री मामले में संलिप्त   आरोपियों को नहीं बख्शा जाएगा: सीएम-Panchayat Times

उन्होंने कहा कि यह मामला दर्ज होने के बाद मानव भारती विवि पर छापेमारी की गई थी और इस दौरान कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, लैपटाप, पेन ड्राइव और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। इसके अलावा 305 डिलेट मार्क्स कार्ड और 15 डिग्रियां भी पकडी़ की गई हैं.

उन्होंने कहा कि मानव भारती विवि के सहायक रजिस्ट्रार मनीष गोयल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा इस विवि के मालिक राजकुमार राणा के राजस्थान के माउंटआबू में खोले गए माधव विवि में भी प्रदेश पुलिस ने तलाशी ली, जहां से 1376 खाली डिग्रियां, 14 खाली मोहरें, चार डिस्पैच रजिस्टर, 50 माइग्रेशन सर्टीफिकेट, 319 खाली डिटेल मार्क्स शीट, दो कंप्यूटर, 6 भरी डिग्रियां और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि तलाशी के दौरान माउंटआबू से प्राप्त दस्तावेजों से जाहिर होता है कि इस विवि में काफी समय से जाली डिग्रियां जारी करके विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस विवि के खिलाफ आशुतोष नामक व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. इस विवि पर आरोप है कि इसने अपनी तीन कर्मचारियों को विवि में नौकरी दी और उनकी हाजिरी भी भरी गई. इसके साथ ही नियमित छात्राओं के रूप में दाखिला दिखाकर डिग्री प्रदान की गई. यही नहीं, इन डिग्रियों के आधार पर की गई नौकरियों का अनुभव प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि एपीजी विवि शिमला के संदर्भ में मिली शिकायत की जांच गुप्तचर विभाग द्वारा गठित विशेष दल कर रहा है और ठोस सबूत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी.