नई दिल्ली. Adani Power ने देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित निजी भागीदारी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Adani Atomic Energy Ltd नाम से एक नई सहायक कंपनी बनाने की घोषणा की है। यह कंपनी परमाणु ऊर्जा से बिजली के उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण पर काम करेगी। हालांकि अभी परियोजनाओं या समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नीति बदलाव
यह कदम ऐसे समय में आया है जब Government of India परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य बढ़ती बिजली मांग को पूरा करना, कार्बन उत्सर्जन कम करना, स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाना और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
भारत आने वाले वर्षों में अपनी ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) रणनीति के तहत परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
भारत में परमाणु ऊर्जा की मौजूदा स्थिति
वर्तमान में देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन का संचालन मुख्य रूप से Nuclear Power Corporation of India Limited (NPCIL) के पास है, जो एक सरकारी कंपनी है।
कुल स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता: लगभग 8.8 गीगावाट (GW)
सभी चालू परमाणु संयंत्र NPCIL द्वारा संचालित
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की संभावित एंट्री को भारत की ऊर्जा नीति में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है।
निजी कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी
Adani Power के इस कदम से पहले Tata Power ने भी परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए संभावित स्थानों का अध्ययन करने की बात कही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी कंपनियों के आने से निवेश, तकनीक और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आ सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है परमाणु ऊर्जा
परमाणु ऊर्जा को स्थिर और कम-कार्बन “बेसलोड” ऊर्जा स्रोत माना जाता है। जब भारत सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार कर रहा है, तब परमाणु ऊर्जा निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर बिजली ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकती है।
Adani Atomic Energy Ltd की स्थापना यह संकेत देती है कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका आने वाले समय में और बढ़ सकती है।
