सोलन. अप्पर बाजार में अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासन को दुकानदारों के आगे झुकना पड़ा. इसके साथ बिना अतिक्रमण हटाये पूरा अमला वापिस लौट आया.
प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हरकत में आये प्रशासन द्वारा पिछले दो महीने से शहर में अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई है. इसी कड़ी में आज राजस्व विभाग, नगर परिषद तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सोलन के मुख्य बाजार में जेसीबी लेकर पहुंचे. लेकिन दुकानदारों के तीखे विरोध का उन्हें सामना करना पड़ा. दुकानदारों की दादागिरी के आगे प्रशासन विवश दिखाई दिया. दुकानदार बीच सड़क पर ही विरोध करने बैठ गये और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बहस करने लग पड़े. जबकि इससे पहले ही पैमाइश करके दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने को कहा गया था, लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी थी.
एम्बुलेंस का गुजरना मुश्किल
मालूम हो कि अप्पर बाजार, सोलन का मुख्य बाजार माना जाता है. ये बाजार तंग गली में तब्दील हो चुका है. जहां से आपातकालीन के समय एम्बुलेंस का गुजरना मुश्किल हो जाता है. राजनीतिक दखल के चलते अक्सर इस बाजार से अतिक्रमण हटाने में प्रशासन अक्सर विफल रहा है.
तहसीलदार उत्तम चंद शर्मा से पूछने पर उन्होंने कहा कि पहले एक सप्ताह का समय दिया गया था. लेकिन अब भी दुकानदार अतिक्रमण हटाने को समय मांग रहे हैं. जिन्हें दो दिन और समय दिया गया है. उनसे अतिक्रमणकारियों की संख्या पूछने पर वह अगल बगल झांकते दिखाई दिए. हैरत की बात है कि अतिक्रमण हटाने आये तहसीलदार को अतिक्रमणकारियों की संख्या ही मालूम नहीं है.
अब देखना होगा कि प्रशासन क्या पूरी तरह से अप्पर बाजार का अतिक्रमण हटाने में कामयाब होता है या फिर किसी राजनीतिक दखल के चलते बड़ी मछलियों पर दरियादिली दिखाते हुए छोटे दुकानदारों के अतिक्रमण हटाये जाते हैं. जैसा कि आज भी केवल एक अतिक्रमण हटाकर महज खानापूर्ति की गई.