नई दिल्ली: S. Krishnan, जो Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के सचिव हैं, ने भारत के कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि एआई किसानों तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वह क्षेत्र है जहां व्यवस्था अक्सर असफल हो जाती
एक एआई सम्मेलन में बोलते हुए कृष्णन ने कहा कि पारंपरिक कृषि विस्तार सेवाओं (extension networks) की भूमिका समय के साथ कमजोर हुई है और किसानों को समय पर सलाह नहीं मिल पाती। उन्होंने बताया कि खेती में सटीक और उपयोगी सलाह बेहद जरूरी है, लेकिन यही वह क्षेत्र है जहां व्यवस्था अक्सर असफल हो जाती है।
उन्होंने कहा कि एआई-आधारित तकनीक इस सूचना असमानता को दूर कर सकती है और किसानों को रीयल-टाइम सलाह, मौसम जानकारी, फसल प्रबंधन और जोखिम मूल्यांकन जैसी सेवाएं उपलब्ध करा सकती है।
कृष्णन ने यह भी बताया कि एआई का उपयोग कृषि ऋण (agricultural credit) की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में भी यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर अपनाई गई बेहतर तकनीकी पहलों से सीख लेकर स्थानीय समस्याओं के समाधान विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, एआई-आधारित समाधान केवल कृषि ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी बदलाव ला सकते हैं।
