2025 तक झारखंड को पूर्ण जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य

2025 तक झारखंड को पूर्ण जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

रांची. जैविक खेती एक ऐसी खेती है जिसमें रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और खरपतवारनाशियों की जगह पर जीवांश खाद पोषक तत्वों (गोबर की खाद कम्पोस्ट, हरी खाद, जीवणु कल्चर, जैविक खाद आदि) जैव नाशियों (बायो-पैस्टीसाईड) व बायो एजेन्ट जैसे क्राईसोपा आदि का प्रयोग किया जाता है. जिससे न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहती है.

बता दें कि एक देसी गाय के गोबर और गो-मूत्र से एक किसान तीस एकड़ जमीन पर खेती कर सकता है. गोवंश के गोबर व मूत्र से जीवामृत, घन जीवामृत और जामन बीजामृत बनाया जाता है. इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है. जीवामृत का महीने में एक या दो बार खेत में छिड़काव कर सकते हैं.

2025 तक झारखंड को पूर्ण जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट पेश किसानों पर बहुत ध्यान दिया. बजट में कहा गया कि 2022 तक किसानों को आय को दोगुना करने के लिए सरकार ने 16 सूत्रीय कार्यक्रम पेश किया है. इसमें जैविक खेती पर आधारित ऑनलाइन पोर्टल को अधिक सुदृढ़ करने का ऐलान भी शामिल है. जैविक उत्पादों से जुड़े कारोबारियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और उनका आभार भी व्यक्त किया. सरकार के इस कदम से जैविक खाद्य उत्पादों की खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. इसका कारण यह है कि जैविक खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं.

झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां जैविक कॉरिडोर बनाया गया

झारखंड के 14 जिलों में करीब 50 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती की जा रही है. इससे लगभग 40 हजार किसान जुड़े हुए हैं. इन्हें शत प्रतिशत पैसे दिए जा रहे हैं. जैविक खेती का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें लागत कम लगती है और फायदा ज्यादा होता है. बदलते मौसम का जैविक फसलों पर असर नहीं होता. जैविक खेती न सिर्फ स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर है, बल्कि बंपर उत्पादन से किसानों को अच्छी आमदनी भी होती है. झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां जैविक कोरिडोर बनाया गया है. साल 2025 तक झारखंड को पूर्ण जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

2025 तक झारखंड को पूर्ण जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

बता दें कि 2003 में जैविक राज्य घोषित करने के संकल्प के 15 साल बाद 2016 में सिक्किम को पहला जैविक राज्य होने का सम्मान हासिल हुआ. सिक्किम भारत का पहला ऐसा राज्य है जहां की शत प्रतिशत खेती जैविक होती है.

ऐसे बनाए जैविक खाद

जैविक खाद बनाने के लिए 10 किलो गोबर,10 लीटर गोमूत्र, एक किलो गुड, एक किलो चोकर एक किलो मिट्टी का मिश्रण तैयार करना चाहिए.

जैविक खेती किसानों को होने वाले लाभ

भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि हो जाती है.
सिंचाई समय में वृद्धि होती है
रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होने से लागत में कमी आती है
फसलों की उत्पादकता बढ़ती है

2025 तक झारखंड को पूर्ण जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

मिट्टी की दृष्टि से लाभ

जैविक खाद के उपयोग करने से भूमि की गुणवत्ता में सुधार आता है
भूमि की जल धारण क्षमता बढ़ती हैं
भूमि से पानी का वाष्पीकरण कम होगा

2025 तक झारखंड को पूर्ण जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

जैविक खेती से पर्यावरण को होने वाले लाभ
भूमि के जल स्तर में वृद्धि होती है.
मिट्टी, खाद्य पदार्थ और जमीन में पानी के माध्यम से होने वाले प्रदूषण मे कमी आती है
कचरे का उपयोग, खाद बनाने में, होने से बीमारियों में कमी आती है
फसल उत्पादन की लागत में कमी एवं आय में वृद्धि