जानें, खूंटी विधानसभा सीट का इतिहास

खूंटी. झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में खूंटी विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में मतदान होने हैं. यहां 7 दिसंबर को मतदान होंगे. झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जिन 20 सीटों पर मतदान होना है उसमें खूंटी भी शामिल है. ये विधानसभा सीट एसटी के लिए रिजर्व है. यहां 2014 में बीजेपी पार्टी के नीलकंठ सिंह मुण्डा विधायक चुने गए थे. उन्हें 47032 वोट मिले. उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिदान होरो को 21515 वोटों के अंतर से हराया. यहां कुल मतदाता 1,90,333 हैं. इसमें पुरुष मतदाता 96185 और महिला मतदाता 94148 हैं. यहां साल 2014 में करीब 63.34 फीसदी लोगों ने मत का प्रयोग किया था.

खूंटी विधानसभा सीट पर मतदान : 7 दिसंबर, 2019

खूंटी विधानसभा सीट पर मतगणना और वोटों की गिनती के नतीजे : 23 दिसंबर, 2019

खूंटी विधानसभा सीट के 2014 के विजेता कैंडिडेट: बीजेपी पार्टी के नीलकंठ सिंह मुण्डा विधायक चुने गए.

खूंटी विधानसभा सीट पर सभी उम्मीदवारों की लिस्ट :

दयामनी बरला – झारखंड विकास मोर्चा
नीलकंठ सिंह मुंडा – बीजेपी
सुशील पहान –  झारखंड मुक्ति मोर्चा
सोमा कैठा – बहुजन समाज पार्टी
मीनाक्षी मुंडा – भारतीय ट्राइबल पार्टी
राम सूर्य मुंडा – झारखंड पार्टी
विल्सन पूर्ती – अखिल भारतीय झारखंड पार्टी
श्याम सुंदर – जनता दल (यूनाइटेड)
संजय कुमार टिर्की – स्वतंत्र
चरण मुंडा – स्वतंत्र

खूंटी विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास

खूंटी विधानसभा सीट शुरुआत से ही भाजपा के कबजे में रही है. 2005 के चुनाव में यहां से नीलकंठ सिंह मुंडा विधायक चुने गए. वह लगातार दो बार 2009 और 2014 के चुनाव में भी इस सीट से विधायक बने. ऐतिहासिक रूप से देखें तो यह इलाका 1875 के प्रसिद्ध बिरसा आंदोलन का केंद्र था. झारखंड के क्रांतिकारी नायक बिरसा मुंडा के नेतृत्व में ब्रिटिशों के खिलाफ लंबे समय से किए गए संघर्ष के लिए यह जगह इतिहास में दर्ज है. यहां की डोंबारी बुरु की सुरम्य पहाड़ियां हैं.