फेक न्यूज : अजित पवार की सिचांई घोटाले से जुड़ी सभी फाइलें बंद कर दी गई

नई दिल्ली. महाराष्ट्र में भाजपा और एनसीपी के अजित पवार के सरकार बनाने के बाद से ही हंगामा मच गया था. इसी बीच एक पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल की जा रही है, इसमें दावा किया जा रहा है कि अजित पवार की सिचांई घोटाले से जुड़ी सभी फाइलें/जांच बंद कर दी गई हैं, और कहा गया की उनको सिंचाई घोटाले से जुड़े सारे मामलो में क्लीनचिट दे दी गई है.

दरअसल हुआ यूं की एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्स नाउ ने एक खबर ब्रेक की जिसमें उन्होंने एक चिट्ठी दिखाई और दावा किया कि, अजित पवार के सिंचाई घोटाले से जुड़ी सभी फाइलें बंद कर दी गई हैं. इसके बाद लिखा गया कि घोटाले के आरोपी पवार को क्लीनचिट मिल गई है. समाचार चैनल द्वारा जैसे ही ये खबर आई वैसे ही सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे शेयर करना शुरू कर दिया.

 

इस खबर के वायरल होते ही महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो के डीजी परमबीर सिंह ने इस दावे को झूठा बताया और कहा कि तत्कालीन ऊप मुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े कोई भी केस बंद नहीं किए गए हैं. ये वो 9 जांच की सूचि थी जिसको सामान्य जांच प्रक्रिया के बाद बंद कर दिया गया है और जो भी ये 9 केस बंद किये है इनमें किसी में भी अजित पवार का नाम शामिल नहीं है. लेकिन फिर भी अगर कोई चाहे तो वो इस की जांच करा सकता है.

 

समाचार न्यूज एजेंसी एएनआई ने अपने ट्वीट में डीजी परमबीर सिंह का बयान ट्वीट किया. पड़ताल से स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया का दावा गलत है कि अजित पवार से जुड़े सभी केस बंद कर दिए गए हैं और उन्हें क्लीनचिट दे दी गई है.

 

इस प्रकार ये न्यूज एक फेक न्यूज थी. जिसकी आप रिपोर्ट भी कर सकते हैं. इसके लिए फेसबुक सहित तमाम सोशल साइट्स उस पोस्ट के साथ-साथ रिपोर्ट करने का भी ऑप्शन भी उपलब्ध कराता है. जहां जाकर आप उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं, ताकि वह पोस्ट और शेयर न की जा सके जिससे ये फेक न्यूज फैलने से रूक सके.

वहीं आपको बता दें पंचायत टाइम्स, आईजीपीपी और सोशल मीडिया मैटर्स ने पिछले दिनों ‘चुनाव, मीडिया और फेक न्यूज’ के विषय पर एक सर्वे किया है और चुनाव में फेक-न्यूज अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान में पंचायत टाइम्स झारखंड में फैले अपने रिपोर्टरों के माध्यम से जनता में फेक न्यूज के प्रति जागरूकता बढ़ायेगा. इसके साथ ही चुनाव के दौरान फेक-न्यूज के प्रचार-प्रसार को रोकने में मदद करेगा.